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आवास योजना का लाभ लेने वाले 52 अपात्रों से वसूले जायेंगे 23 लाख
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गोंडा। पात्रता को दरकिनार कर आवास योजना का लाभ हथियाने वाले अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। मुजेहना ब्लाक के 52 अपात्र लाभार्थी समेत संबंधित गांव के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव कार्रवाई की जद में आ गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने अपात्र घोषित किए इन लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की रिकवरी के निर्देश जारी किए हैं। अपात्र पाए गए इन लाभार्थियों से 22.80 लाख रुपये की वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है।
इसके साथ ही पात्रता सूची को दरकिनार कर अपने चहेतों को आवास योजना का लाभ दिलाने वाले ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सीडीओ की नोटिस मिलने के बाद अपात्र लाभार्थियों में खलबली मच गई है।
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मुजेहना ब्लाक में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस ब्लाक में अपात्रों को रेवड़ी की तरह आवास बांटे गए। चहेतों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए ग्राम प्रधानों ने पंचायत सचिवों के साथ मिलकर खूब खेल किया।
पात्रता की शर्तों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। पहली किश्त के रूप में पात्रों के बैंक खातों में चालीस हजार रुपये की पहली किश्त भी जारी कर दी गई। धनराशि जारी होने के बाद जब गांव के लोगों ने इसकी शिकायत शुरू की तो इस पूरे फर्जीवाड़े के जांच के निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में मुजेहना ब्लाक के विभिन्न गांवों में 52 ऐसे लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त के रूप में 40-40 हजार रुपये की दर से 22.80 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जो पूरी तरह से अपात्र थे।
इसका खुलासा होने के बाद ग्राम प्रधानों में खलबली मच गई। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इन सभी अपात्र लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की वसूली करने और संबंधित के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
संबंधित गांव के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया है। सीडीओ के आदेश के बाद अब योजना का लाभ लेने वाले अपात्र लाभार्थियों पर वसूली व एफआईआर की तलवार लटक गई है।
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मुख्य विकास अधिकारी ने अपात्र घोषित किए इन लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की रिकवरी के निर्देश जारी किए हैं। अपात्र पाए गए इन लाभार्थियों से 22.80 लाख रुपये की वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है।
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इसके साथ ही पात्रता सूची को दरकिनार कर अपने चहेतों को आवास योजना का लाभ दिलाने वाले ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सीडीओ की नोटिस मिलने के बाद अपात्र लाभार्थियों में खलबली मच गई है।
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मुजेहना ब्लाक में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस ब्लाक में अपात्रों को रेवड़ी की तरह आवास बांटे गए। चहेतों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए ग्राम प्रधानों ने पंचायत सचिवों के साथ मिलकर खूब खेल किया।
पात्रता की शर्तों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। पहली किश्त के रूप में पात्रों के बैंक खातों में चालीस हजार रुपये की पहली किश्त भी जारी कर दी गई। धनराशि जारी होने के बाद जब गांव के लोगों ने इसकी शिकायत शुरू की तो इस पूरे फर्जीवाड़े के जांच के निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में मुजेहना ब्लाक के विभिन्न गांवों में 52 ऐसे लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त के रूप में 40-40 हजार रुपये की दर से 22.80 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जो पूरी तरह से अपात्र थे।
इसका खुलासा होने के बाद ग्राम प्रधानों में खलबली मच गई। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इन सभी अपात्र लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की वसूली करने और संबंधित के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
संबंधित गांव के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया है। सीडीओ के आदेश के बाद अब योजना का लाभ लेने वाले अपात्र लाभार्थियों पर वसूली व एफआईआर की तलवार लटक गई है।