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मौन जुलूस में बेहोश होकर गिरी महिला शिक्षामित्र
Updated Mon, 31 Jul 2017 09:02 PM IST
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मौन जुलूस में बेहोश होकर गिरी महिला शिक्षामित्र
शिक्षामित्रों ने मुंह पर पट्टी बांध सरकार से मांगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। समायोजन निरस्त होने के बाद सहायक अध्यापक पद पर वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से मौन जुलूस निकाला। इा दौरान जुलूस में शामिल एक महिला शिक्षामित्र धरनास्थल पर पहुंचकर बेहोश होकर गिर गई जिससे सुरक्षा में तैनात अफसरों में हड़कंप मच गया। पानी का छींटा मारकर उसे होश में लाया गया। इस दौरान धरनास्थल पर अफरातफरी का माहौल रहा। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और सरकार से शिक्षामित्रों को शिक्षा सहायक पद पर समायोजित करने की मांग की।
सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अपने पद की बहाली को लेकर शिक्षामित्र पिछले छह दिनों से आंदोलन पर है और लगातार धरना प्रदर्शन व रैलियों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को धरने में शामिल हजारों शिक्षामित्र एक बार फिर संघ के मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्रा के नेतृत्व में सड़क पर उतरे और जिला पंचायत स्थित धरना स्थल से मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस अंबेडकर चौराहे से होते हुए आयुक्त आवास, दीवानी कचेहरी व कलेक्ट्रेट होते हुए धरना स्थल पर वापस पहुंचा। जुलूस के धरस्त्रत्त स्थल पहुंचते ही झंझरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लालपुर चंद्रभान में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हो चुकी महिला शिक्षामित्र रेनू शुक्ला बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला शिक्षामित्र के बेहोश होते ही धरना स्थल पर हड़कंप मच गया। शिक्षामित्रों की सुरक्षा में तैनात अफसरों के हाथ पांव फूल गए। पानी के छीेंटा मारकर उसे होश में लाया गया। उसकी हालत सामान्य होने तक धरनास्थल पर अफरातफरी की स्थिति रही। मौन जुलूस से पहले धरने को संबोधित करते हुए उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के नेताओं ने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा को संजीवनी देने वाले प्रदेश के 1.72 हजार शिक्षामित्र अपने सम्मान को वापस पाने के लिए सड़कों पर अपनी जान दे रहे है लेकिन शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा करने का भरोसा दिलाने वाली केंद्र व प्रदेश की सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। शिक्षामित्रों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर उनकी समस्या का निदान नहीं कर रही है जबकि सरकार चाहे तो नया अध्यादेश लाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। धरने के बाद शिक्षामित्र संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद के समकक्ष वेतनमान पर शिक्षा सहायक के पद पर समायोजित किए जाने की मांग की। धरने का संचालन संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह ने किया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू, जितेंद्र ओझा, प्रदुम्र शुक्ला, अभिमन्यु मिश्र, राजेंद्र वर्मा, चंद्रभाल त्रिपाठी, कमलेश्वर तिवारी, पृथ्वीराज सोनकर, सादिक अली, राकेश पांडेय, रामबदल शुक्ल, विनायक उपाध्याय, कृष्णावती, सौम्या, ममता मिश्रा, नीलू मिश्रा, मिथिलेश, सीमा, राधा, गंगोत्री, मीना, शिवानी, गीता, सावित्री, कौशिल्या, बबिता, किरन, प्रेमा, संजूलता तिवारी, सर्वजीत सिंह, कप्तान वर्मा, दिलीप समेत हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
इनसेट
शिक्षामित्रों के समर्थन में आए शिक्षक संगठन
गोंडा। सहायक अध्यापक पद पर बहाली की मांग कोलेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्र संगठन के समर्थन में कई शिक्षक संगठन उठ खड़े हुए हैं। सोमवार को शिक्षामित्रों के धरनास्थल पर माध्यमिक शिक्दषक संघ के जिला मंत्री विनय कुमार शुक्ला, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह, जिला मंत्री वनिय तिवारी व वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश तिवारी, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष आजाद बेग, जिलाध्यक्ष अनूप कुमार सिंह, मनोज कुमार पांडेय, पे्ररक संघ के अनीस अहमद व वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक मंच के प्रांतीय अध्यक्ष कारी अबरार काशिफ आजमी पहुंचे और शिक्षामित्रों की मांग को जायज बताते हुए उनके समर्थन का एलान किया।
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शिक्षामित्रों ने मुंह पर पट्टी बांध सरकार से मांगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। समायोजन निरस्त होने के बाद सहायक अध्यापक पद पर वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से मौन जुलूस निकाला। इा दौरान जुलूस में शामिल एक महिला शिक्षामित्र धरनास्थल पर पहुंचकर बेहोश होकर गिर गई जिससे सुरक्षा में तैनात अफसरों में हड़कंप मच गया। पानी का छींटा मारकर उसे होश में लाया गया। इस दौरान धरनास्थल पर अफरातफरी का माहौल रहा। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और सरकार से शिक्षामित्रों को शिक्षा सहायक पद पर समायोजित करने की मांग की।
सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अपने पद की बहाली को लेकर शिक्षामित्र पिछले छह दिनों से आंदोलन पर है और लगातार धरना प्रदर्शन व रैलियों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को धरने में शामिल हजारों शिक्षामित्र एक बार फिर संघ के मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्रा के नेतृत्व में सड़क पर उतरे और जिला पंचायत स्थित धरना स्थल से मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस अंबेडकर चौराहे से होते हुए आयुक्त आवास, दीवानी कचेहरी व कलेक्ट्रेट होते हुए धरना स्थल पर वापस पहुंचा। जुलूस के धरस्त्रत्त स्थल पहुंचते ही झंझरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लालपुर चंद्रभान में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हो चुकी महिला शिक्षामित्र रेनू शुक्ला बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला शिक्षामित्र के बेहोश होते ही धरना स्थल पर हड़कंप मच गया। शिक्षामित्रों की सुरक्षा में तैनात अफसरों के हाथ पांव फूल गए। पानी के छीेंटा मारकर उसे होश में लाया गया। उसकी हालत सामान्य होने तक धरनास्थल पर अफरातफरी की स्थिति रही। मौन जुलूस से पहले धरने को संबोधित करते हुए उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के नेताओं ने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा को संजीवनी देने वाले प्रदेश के 1.72 हजार शिक्षामित्र अपने सम्मान को वापस पाने के लिए सड़कों पर अपनी जान दे रहे है लेकिन शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा करने का भरोसा दिलाने वाली केंद्र व प्रदेश की सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। शिक्षामित्रों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर उनकी समस्या का निदान नहीं कर रही है जबकि सरकार चाहे तो नया अध्यादेश लाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। धरने के बाद शिक्षामित्र संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद के समकक्ष वेतनमान पर शिक्षा सहायक के पद पर समायोजित किए जाने की मांग की। धरने का संचालन संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह ने किया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू, जितेंद्र ओझा, प्रदुम्र शुक्ला, अभिमन्यु मिश्र, राजेंद्र वर्मा, चंद्रभाल त्रिपाठी, कमलेश्वर तिवारी, पृथ्वीराज सोनकर, सादिक अली, राकेश पांडेय, रामबदल शुक्ल, विनायक उपाध्याय, कृष्णावती, सौम्या, ममता मिश्रा, नीलू मिश्रा, मिथिलेश, सीमा, राधा, गंगोत्री, मीना, शिवानी, गीता, सावित्री, कौशिल्या, बबिता, किरन, प्रेमा, संजूलता तिवारी, सर्वजीत सिंह, कप्तान वर्मा, दिलीप समेत हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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शिक्षामित्रों के समर्थन में आए शिक्षक संगठन
गोंडा। सहायक अध्यापक पद पर बहाली की मांग कोलेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्र संगठन के समर्थन में कई शिक्षक संगठन उठ खड़े हुए हैं। सोमवार को शिक्षामित्रों के धरनास्थल पर माध्यमिक शिक्दषक संघ के जिला मंत्री विनय कुमार शुक्ला, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह, जिला मंत्री वनिय तिवारी व वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश तिवारी, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष आजाद बेग, जिलाध्यक्ष अनूप कुमार सिंह, मनोज कुमार पांडेय, पे्ररक संघ के अनीस अहमद व वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक मंच के प्रांतीय अध्यक्ष कारी अबरार काशिफ आजमी पहुंचे और शिक्षामित्रों की मांग को जायज बताते हुए उनके समर्थन का एलान किया।
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