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खनन माफिया पर विभाग ने बैठाया कैविएट का पहरा
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:32 PM IST
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गोंडा। बालू खनन माफिया हाफिज अली समेत 35 बालू के अवैध खनन के गुनाहगारों पर शासन व कोर्ट का शिकंजा कसता जा रहा है। गोंडा के अवैध खनन के मामले में दोषी करार किए गए माफिया अपनी व संपत्तियों पर कार्रवाई के बचाव में सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाकर राहत न पा सकें, इस पर खनिज एवं खनिकर्म विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट का पहरा बैठा दिया है।
करीब 16 हेक्टेयर में 24 लाख घन मीटर हुए अवैध बालू खनन के मामले में एनजीटी ने खनन माफिया से 212.87 करोड़ रुपये का जुर्माना किया था, जिसकी वसूली के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। खनन माफिया कार्रवाई से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश के लिए रिट दाखिल कर सकते हैं, इसकी संभावना को देखते हुए विभाग ने भी सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी के लिए पहले ही अर्जी लगा दी है।
जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के चकरसूल करनपुर में खनन माफिया ने करीब 16 हेक्टेयर में 24 लाख घनमीटर बालू का अवैध तरीके से खनन कर लिया था। कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले की सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भइया ने जिला प्रशासन व एनजीटी में शिकायत दर्ज करायी थी। इस मामले में जिला प्रशासन ने हाफिज अली आदि के खिलाफ नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसके बाद जिला प्रशासन ने हाफिज अली व उसके भाइयों के नाम करीब 12 करोड़ की संपत्ति को अटैच कर लिया था। इसके बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हाल ही में 24 जुलाई को दिल्ली की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने खनन माफिया से बालू के अवैध खनन के मामले में 212.87 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इससे बचने के लिए माफिया तत्वों में खलबली मची है, कई भूमिगत हो गए हैं। खनिकर्म विभाग व प्रशासन ने अब ऐसे लोगों के हथकंडे फेल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया है। बुधवार को ही खनन निरीक्षक राजेश कुमार को खनिज एवं खनिकर्म निदेशालय की ओर मय अभिलेख के तलब किया गया था। गुरुवार को कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया।
बालू खनन के 35 गुनाहगारों को राहत के रास्ते बन्द
जिला प्रशासन व शासन की ओर से चिन्हित जिले में 35 बालू खनन के गुनाहगारों को फौरी तौर पर राहत मिलने के सभी रास्ते बंद हो गये हैं। जिले के खनन माफिया हाफिज अली समेत जिन 35 लोगों को चिन्ह्ति किया गया था, उसमें अर्जुन, गुलाब, देव शरन, नसीमुन्निशा, रामफेर, राजकुमार, श्याम प्रेम, तैयबा खातून, श्याम फेर, संत कुमार, कान्त कुमार, शफीक, कायम अली, रज्जब अली, लियाकत अली, अब्बास अली, कुलदीप, गया प्रसाद, गौरी, टिड्डी, मलहू, राजू, हरीराम, ईश्वर दीन, उहर अली, दिलवर अली, मूसे, मोहम्मद इलियास, राम रता, टोडी,संतोष कुमार, गुलाबो देवी आदि शामिल हैं।
16 हेक्टेयर में हुआ था 24 लाख घनमीटर का बालू का अवैध खनन
जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चकरसूल करनपुर में करीब 16 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में बालू का अवैध खनन हुआ है। 23.88 लाख 229 घन मीटर बालू का अवैध खनन हुआ है। खनिज एवं खनिकर्म विभाग ने एनजीटी टीम के साथ घटना स्थल पर पूरे एरिया का सर्वे किया था। अधिकारियों की टीम ने करीब 16 हेक्टेयर में 24 लाख घन मीटर बालू का खनन के होने की रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट में दाखिल की थी।
अभी भी चोरी छिपे यहां हो रहा खनन
* दुर्गा गंज * तुुरकौली * अली परसौली ।
खनन माफिया की निगरानी को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुआ कैविएट
खनन माफियाओं एनजीटी की ओर से सुनाई गई जुर्माने की सजा पर रिकवरी से बचने के लिए कुछ कानूनी हथकंडे अपना सकते हैं। वे लोग कार्रवाई से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से किसी तरीके से आदेश न हथिया लें, इसके लिए खनिज एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को निगरानी व जानकारी के लिए कैविएट दाखिल कर दी गई है। शासन को जिले के अवैध खनन के बाबत जरूरी पत्रावलियां उपलब्ध करा दी गईं हैं। अब इस समय जिले में बालू का अवैध खनन नही हो रहा है।
- राजेश कुमार, खनन निरीक्षक खनिज एवं खनिकर्म विभाग
इनसेट
भू-राजस्व की तरह होगी जुर्माने की वसूली
बालू का अवैध खनन करने वालों पर एनजीटी ने जुर्माना वसूली की जो सजा सुनाई है उसकी वसूली के लिए सभी को सूचीबद्ध कर लिया गया है। यह लोग अपनी ंम्पत्तियों को बेच न दें, इसके लिए सभी की संपत्तियों की विक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके पालन के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। एनजीटी के आदेश के क्रम में खनन के सभी गुनाहगारों से जुर्माने की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी।
- कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव, डीएम गोंडा।
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करीब 16 हेक्टेयर में 24 लाख घन मीटर हुए अवैध बालू खनन के मामले में एनजीटी ने खनन माफिया से 212.87 करोड़ रुपये का जुर्माना किया था, जिसकी वसूली के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। खनन माफिया कार्रवाई से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश के लिए रिट दाखिल कर सकते हैं, इसकी संभावना को देखते हुए विभाग ने भी सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी के लिए पहले ही अर्जी लगा दी है।
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जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के चकरसूल करनपुर में खनन माफिया ने करीब 16 हेक्टेयर में 24 लाख घनमीटर बालू का अवैध तरीके से खनन कर लिया था। कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले की सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भइया ने जिला प्रशासन व एनजीटी में शिकायत दर्ज करायी थी। इस मामले में जिला प्रशासन ने हाफिज अली आदि के खिलाफ नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसके बाद जिला प्रशासन ने हाफिज अली व उसके भाइयों के नाम करीब 12 करोड़ की संपत्ति को अटैच कर लिया था। इसके बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हाल ही में 24 जुलाई को दिल्ली की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने खनन माफिया से बालू के अवैध खनन के मामले में 212.87 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इससे बचने के लिए माफिया तत्वों में खलबली मची है, कई भूमिगत हो गए हैं। खनिकर्म विभाग व प्रशासन ने अब ऐसे लोगों के हथकंडे फेल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया है। बुधवार को ही खनन निरीक्षक राजेश कुमार को खनिज एवं खनिकर्म निदेशालय की ओर मय अभिलेख के तलब किया गया था। गुरुवार को कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया।
बालू खनन के 35 गुनाहगारों को राहत के रास्ते बन्द
जिला प्रशासन व शासन की ओर से चिन्हित जिले में 35 बालू खनन के गुनाहगारों को फौरी तौर पर राहत मिलने के सभी रास्ते बंद हो गये हैं। जिले के खनन माफिया हाफिज अली समेत जिन 35 लोगों को चिन्ह्ति किया गया था, उसमें अर्जुन, गुलाब, देव शरन, नसीमुन्निशा, रामफेर, राजकुमार, श्याम प्रेम, तैयबा खातून, श्याम फेर, संत कुमार, कान्त कुमार, शफीक, कायम अली, रज्जब अली, लियाकत अली, अब्बास अली, कुलदीप, गया प्रसाद, गौरी, टिड्डी, मलहू, राजू, हरीराम, ईश्वर दीन, उहर अली, दिलवर अली, मूसे, मोहम्मद इलियास, राम रता, टोडी,संतोष कुमार, गुलाबो देवी आदि शामिल हैं।
16 हेक्टेयर में हुआ था 24 लाख घनमीटर का बालू का अवैध खनन
जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चकरसूल करनपुर में करीब 16 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में बालू का अवैध खनन हुआ है। 23.88 लाख 229 घन मीटर बालू का अवैध खनन हुआ है। खनिज एवं खनिकर्म विभाग ने एनजीटी टीम के साथ घटना स्थल पर पूरे एरिया का सर्वे किया था। अधिकारियों की टीम ने करीब 16 हेक्टेयर में 24 लाख घन मीटर बालू का खनन के होने की रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट में दाखिल की थी।
अभी भी चोरी छिपे यहां हो रहा खनन
* दुर्गा गंज * तुुरकौली * अली परसौली ।
खनन माफिया की निगरानी को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुआ कैविएट
खनन माफियाओं एनजीटी की ओर से सुनाई गई जुर्माने की सजा पर रिकवरी से बचने के लिए कुछ कानूनी हथकंडे अपना सकते हैं। वे लोग कार्रवाई से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से किसी तरीके से आदेश न हथिया लें, इसके लिए खनिज एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को निगरानी व जानकारी के लिए कैविएट दाखिल कर दी गई है। शासन को जिले के अवैध खनन के बाबत जरूरी पत्रावलियां उपलब्ध करा दी गईं हैं। अब इस समय जिले में बालू का अवैध खनन नही हो रहा है।
- राजेश कुमार, खनन निरीक्षक खनिज एवं खनिकर्म विभाग
इनसेट
भू-राजस्व की तरह होगी जुर्माने की वसूली
बालू का अवैध खनन करने वालों पर एनजीटी ने जुर्माना वसूली की जो सजा सुनाई है उसकी वसूली के लिए सभी को सूचीबद्ध कर लिया गया है। यह लोग अपनी ंम्पत्तियों को बेच न दें, इसके लिए सभी की संपत्तियों की विक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके पालन के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। एनजीटी के आदेश के क्रम में खनन के सभी गुनाहगारों से जुर्माने की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी।
- कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव, डीएम गोंडा।