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राजस्वकर्मियों से मिलकर हजार बीघे जमीन गटक गए भूमाफिया
Updated Thu, 22 Jun 2017 02:04 AM IST
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राजस्व कर्मियों से मिलकर हजार बीघा जमीन हड़प गए भूमाफिया
बिना पट्टे के ही अभिलेखों में दर्ज कराया नाम, एसडीएम ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। भू-माफिया ने एक हजार बीघे से अधिक भूमि का राजस्व कर्मियों से मिलकर हड़प लिया। बिना किसी पट्टे के माफियाओं के नाम भूमि का आवंटन अभिलेखों में दर्ज हो गया। तहसील क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में करीब एक हजार बीघे से अधिक भूमि का घोटाला प्रकाश में आने के बाद भी तहसील प्रशासन ने जांच तो दूर अभिलेखों को देखना भी मुनासिब नहीं समझा। जानकारी के बाद एसडीएम ने मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है।
करनैलगंज में तहसील की स्थापना के समय पुरानी तहसील तरबगंज से अभिलेखों के स्थानान्तरण में हेराफेरी कराकर फायदा उठाते हुए भूमाफियाओं ने करीब एक हजार बीघे से अधिक भूमि के अभिलेखों में नाम दर्ज करा लिया। राजस्व ग्राम लालेमऊ एंव बसेरिया में सरकारी भूमि बंजर, नवीन परती, जलमग्न, खलिहान, ग्राम समाज के खातों में दर्ज भूमि को पट्टा दिखाकर नामान्तरण बही एंव पटटा प्रमाण रजिस्टर में बिना दर्ज हुए खातेदारों के नाम दर्ज है। इसका प्रमाण उस समय मिला जब एसडीएम करनैलगंज को एक गोपनीय प्रार्थना पत्र मिला जिसमें पुराने अभिलेखों की नकल एंव खतौनी में दर्ज नामों की सूची मिली। यही नहीं भूमि को पट्टा दिखाकर नाम से दर्ज किए जाने की सूचना के साथ ही गांव या जिले के बाहर रहने वाले कुछ लोगों के नाम भी भूमि दर्ज होने की शिकायत मिली।
दिसम्बर 2016 में तत्कालीन एसडीएम ने इतने समय से भूमि के घोटाले को समझने के लिए कुछ भूमिधरी खाताधारकों के नाम के खातों को खंगालना शुरू किया तो किसी भी पुराने अभिलेखों से इसकी पुष्टि नहीं हुई। भूमि करीब एक हजार बीघे से अधिक होने का अनुमान है जिसके लिए गोंडा अभिलेखागार से कुछ पुराने अभिलेखों को खंगालने के लिए मंगाने का आदेश एसडीएम ने दिया था। मगर मामले में किसी अधिकारी ने रुचि नहीं दिखाई।
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इनसेट
नहीं शुरू हुई जांच
15 दिसम्बर 2016 को तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार श्याम कुमार की अगुवाई में कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव रजिस्ट्रार कानूनगो, अवधेश द्विवेदी राजस्व निरीक्षक दुबहा तथा तीन लेखपालों देवतादीन, जानकी शरण मिश्रा, राजेन्द्र कुमार की टीम बनाई थी। मगर छ: माह बीतने के बाद भी मामले की जांच तक शुरू नहीं हो पाई।
इनसेट
इस पूरे मामले में अभिलेख तलब किए गए हैं। इसके लिए यदि जांच टीम गठित है और जांच नहीं हुई है तो टीम के विरुद्ध कार्रवाई की जाऐगी। अवैध कब्जेदारों को भू-माफिया की श्रेणीं में दर्ज कराकर कार्रवाई की जाऐगी।
-अर्चना वर्मा, एसडीएम करनैलगंज
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बिना पट्टे के ही अभिलेखों में दर्ज कराया नाम, एसडीएम ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। भू-माफिया ने एक हजार बीघे से अधिक भूमि का राजस्व कर्मियों से मिलकर हड़प लिया। बिना किसी पट्टे के माफियाओं के नाम भूमि का आवंटन अभिलेखों में दर्ज हो गया। तहसील क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में करीब एक हजार बीघे से अधिक भूमि का घोटाला प्रकाश में आने के बाद भी तहसील प्रशासन ने जांच तो दूर अभिलेखों को देखना भी मुनासिब नहीं समझा। जानकारी के बाद एसडीएम ने मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है।
करनैलगंज में तहसील की स्थापना के समय पुरानी तहसील तरबगंज से अभिलेखों के स्थानान्तरण में हेराफेरी कराकर फायदा उठाते हुए भूमाफियाओं ने करीब एक हजार बीघे से अधिक भूमि के अभिलेखों में नाम दर्ज करा लिया। राजस्व ग्राम लालेमऊ एंव बसेरिया में सरकारी भूमि बंजर, नवीन परती, जलमग्न, खलिहान, ग्राम समाज के खातों में दर्ज भूमि को पट्टा दिखाकर नामान्तरण बही एंव पटटा प्रमाण रजिस्टर में बिना दर्ज हुए खातेदारों के नाम दर्ज है। इसका प्रमाण उस समय मिला जब एसडीएम करनैलगंज को एक गोपनीय प्रार्थना पत्र मिला जिसमें पुराने अभिलेखों की नकल एंव खतौनी में दर्ज नामों की सूची मिली। यही नहीं भूमि को पट्टा दिखाकर नाम से दर्ज किए जाने की सूचना के साथ ही गांव या जिले के बाहर रहने वाले कुछ लोगों के नाम भी भूमि दर्ज होने की शिकायत मिली।
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दिसम्बर 2016 में तत्कालीन एसडीएम ने इतने समय से भूमि के घोटाले को समझने के लिए कुछ भूमिधरी खाताधारकों के नाम के खातों को खंगालना शुरू किया तो किसी भी पुराने अभिलेखों से इसकी पुष्टि नहीं हुई। भूमि करीब एक हजार बीघे से अधिक होने का अनुमान है जिसके लिए गोंडा अभिलेखागार से कुछ पुराने अभिलेखों को खंगालने के लिए मंगाने का आदेश एसडीएम ने दिया था। मगर मामले में किसी अधिकारी ने रुचि नहीं दिखाई।
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नहीं शुरू हुई जांच
15 दिसम्बर 2016 को तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार श्याम कुमार की अगुवाई में कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव रजिस्ट्रार कानूनगो, अवधेश द्विवेदी राजस्व निरीक्षक दुबहा तथा तीन लेखपालों देवतादीन, जानकी शरण मिश्रा, राजेन्द्र कुमार की टीम बनाई थी। मगर छ: माह बीतने के बाद भी मामले की जांच तक शुरू नहीं हो पाई।
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इस पूरे मामले में अभिलेख तलब किए गए हैं। इसके लिए यदि जांच टीम गठित है और जांच नहीं हुई है तो टीम के विरुद्ध कार्रवाई की जाऐगी। अवैध कब्जेदारों को भू-माफिया की श्रेणीं में दर्ज कराकर कार्रवाई की जाऐगी।
-अर्चना वर्मा, एसडीएम करनैलगंज