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Gonda News: एजुकेटर बनाने का सपना दिखाकर हड़पे 1.21 लाख
Mon, 01 Jun 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:22 PM IST
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गोंडा। बाल वाटिका में शिक्षा एजुकेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.21 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई न होने पर न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर के इंदिरापुर निवासी किशन कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उनकी पत्नी नीलम और भतीजी जूली को बाल वाटिका में शिक्षा एजुकेटर पद पर नियुक्त कराने का भरोसा देकर आरोपी अंकित चौहान ने उनसे रुपये लिए। आरोपी खुद को गोमतीनगर, लखनऊ स्थित एक संस्था से जुड़ा बताता था और मोबाइल से लगातार संपर्क में रहता था।
जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग तिथियों में आरोपी के बताए खाते में ऑनलाइन माध्यम से कुल 1.21 लाख रुपये भेजे गए। रुपये लेने के बाद आरोपी ने जल्द नियुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन न तो नौकरी दिला सका और न ही रकम वापस की। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने रुपये वापस मांगने शुरू किए तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। विरोध करने पर गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। किशन कुमार के अनुसार उन्होंने स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
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न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले में बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शहर के इंदिरापुर निवासी किशन कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उनकी पत्नी नीलम और भतीजी जूली को बाल वाटिका में शिक्षा एजुकेटर पद पर नियुक्त कराने का भरोसा देकर आरोपी अंकित चौहान ने उनसे रुपये लिए। आरोपी खुद को गोमतीनगर, लखनऊ स्थित एक संस्था से जुड़ा बताता था और मोबाइल से लगातार संपर्क में रहता था।
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जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग तिथियों में आरोपी के बताए खाते में ऑनलाइन माध्यम से कुल 1.21 लाख रुपये भेजे गए। रुपये लेने के बाद आरोपी ने जल्द नियुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन न तो नौकरी दिला सका और न ही रकम वापस की। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने रुपये वापस मांगने शुरू किए तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। विरोध करने पर गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। किशन कुमार के अनुसार उन्होंने स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
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न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले में बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।