फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India Population Control Policy EAC Report Fertility Rate China Lessons

आबादी नियंत्रण की जिद छोड़े भारत: ईएसी की रिपोर्ट में चेतावनी, चीन की वन चाइल्ड पॉलिसी से सीखने की सलाह

Sat, 19 Sep 2026 04:53 AM IST
राकेश कुमार एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 19 Sep 2026 04:53 AM IST
सार

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण को सरकारी नीति के लक्ष्य के तौर पर जारी रखना अब प्रासंगिक नहीं है। देश की कुल प्रजनन दर घटकर 1.9 हो गई है, जबकि प्रतिस्थापन स्तर 2.1 माना जाता है। रिपोर्ट में कम प्रजनन दर वाले राज्यों में नसबंदी के लिए नकद प्रोत्साहन योजनाएं बंद करने की सिफारिश की गई है और चीन के अनुभव से सबक लेने को कहा गया है।
 

विज्ञापन
India Population Control Policy EAC Report Fertility Rate China Lessons
चीन की जनसंख्या में गिरावट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने भारत को जनसंख्या विस्फोट के पुराने डर से बाहर निकलने और आबादी पर लगाम लगाने वाली योजनाओं को बंद करने की सिफारिश की है। साथ ही चीन की गलती से सबक लेने को भी कहा है।
विज्ञापन


‘द घोस्ट ऑफ पॉपुलेशन पास्ट'
हाउ पॉपुलेशन कंट्रोल परसिस्ट्स इन इंडिया’ नामक रिपोर्ट में परिषद ने कहा, देश की जनसांख्यिकीय स्थिति अब पुरानी सोच से काफी अलग है। पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल की टीम ने यह रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, भारत की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) घटकर 1.9 रह गई है, जबकि आबादी को स्थिर रखने के लिए 2.1 की दर जरूरी मानी जाती है। यूपी (2.6) व बिहार (2.9) को छोड़ दें तो राष्ट्रीय प्रजनन दर 1.6 रह जाती है। 
विज्ञापन


निजी पसंद पर परिवार नियोजन के खिलाफ नहीं
संजीव सान्याल, सदस्य, पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद का कहना है कि भविष्य की आबादी का आधार सिकुड़ रहा है। हम स्वास्थ्य, बच्चों के बीच अंतर रखने या निजी पसंद के आधार पर परिवार नियोजन के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन सरकारी नीति के मकसद के तौर पर जनसंख्या नियंत्रण अब प्रासंगिक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


50 साल पुराने स्तर पर पहुंचे जन्म के आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार भारत में सालाना जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 2001 में 2.93 करोड़ पर पहुंच गई थी। 2023 तक यह घटकर 2.32 करोड़ रह गई, जो लगभग 20 फीसदी की गिरावट है। देश में आज सालाना पैदा होने वाले बच्चों की तादाद 1974 यानी करीब 50 साल पहले के स्तर पर आ चुकी है।

नसबंदी योजनाओं को बंद करें...
ईएसी ने भारत को जनसंख्या नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की भी सिफारिश की है। इसमें कम प्रजनन दर वाले राज्यों में नसबंदी के लिए लाभार्थियों और प्रेरकों को दी जाने वाली सभी नकद प्रोत्साहन योजनाओं को बंद करने को कहा है।


चीन की कुल प्रजनन दर एक से भी नीचे
रिपोर्ट में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर चीन की गलतियों से सबक लेने की जरूरत पर बल दिया गया है। चीन ने 1991 में प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर से नीचे आने के बाद भी अपनी वन चाइल्ड पॉलिसी और प्रशासनिक मशीनरी को दो दशकों से अधिक समय तक बनाए रखा। आज चीन की टीएफआर एक से भी नीचे गिर गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed