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डायरिया की चपेट में 12 लोग
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2015 11:24 PM IST
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परसपुर से सटी दलित बस्ती चमर टोलिया में इन दिनों डायरिया का प्रकोप है। डेढ़ हफ्ते में मोहल्ले में 12 लोग डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। परसपुर की दलित बस्ती चमर टोलिया की आबादी 300 से ऊपर है। मोहल्ले में न तो जलनिकासी की कोई व्यवस्था है और न ही पेयजल की। डेढ़ हफ्ते से इस बस्ती में डायरिया का प्रकोप है।
यहां रहने वाले नुन्नू का पुत्र अमन (8), अनमोल (4) पुत्र जगदीश, विशाल (8) पुत्र दलगंजन, दलगंजन (50), रामा (60) पत्नी तेजे, दीपक (6) पुत्र राधेश्याम, रामप्रकाश (15) पुत्र रामसूरत, अर्जुन (16) पुत्र कमल, प्रमिला (18) व रेनू (15) पुत्री गोविंदे, सौरभ (3) पुत्र रमेश डायरिया की चपेट में है।
बस्ती के लोगों का कहना है कि वह बीमारी की शिकायत लेकर सीएचसी पर गए थे। जहां से उन्हें कुछ दवाएं देकर बाहर की दवाएं लिख दी गईं, लेकिन बीमारी पर अभी तक कोई नियंत्रण नहीं हुआ है।
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वहीं, सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एससी द्विवेदी का कहना है कि बस्ती चमर टोलिया में गंदगी की भरमार है। इसके कारण बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हुआ है।
मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर लोगों को पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही गंदगी वाली जगहों पर चूने इत्यादि का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जो दवाएं उनके पास उपलब्ध है, उसी से बीमार लोगों का उपचार किया जा रहा है।
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यहां रहने वाले नुन्नू का पुत्र अमन (8), अनमोल (4) पुत्र जगदीश, विशाल (8) पुत्र दलगंजन, दलगंजन (50), रामा (60) पत्नी तेजे, दीपक (6) पुत्र राधेश्याम, रामप्रकाश (15) पुत्र रामसूरत, अर्जुन (16) पुत्र कमल, प्रमिला (18) व रेनू (15) पुत्री गोविंदे, सौरभ (3) पुत्र रमेश डायरिया की चपेट में है।
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बस्ती के लोगों का कहना है कि वह बीमारी की शिकायत लेकर सीएचसी पर गए थे। जहां से उन्हें कुछ दवाएं देकर बाहर की दवाएं लिख दी गईं, लेकिन बीमारी पर अभी तक कोई नियंत्रण नहीं हुआ है।
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वहीं, सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एससी द्विवेदी का कहना है कि बस्ती चमर टोलिया में गंदगी की भरमार है। इसके कारण बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हुआ है।
मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर लोगों को पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही गंदगी वाली जगहों पर चूने इत्यादि का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जो दवाएं उनके पास उपलब्ध है, उसी से बीमार लोगों का उपचार किया जा रहा है।