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Gonda News: मेडिकल कॉलेज में बनेगा 10 बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड

Sat, 13 Apr 2024 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 13 Apr 2024 11:28 PM IST
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10 bed heat stroke ward will be built in medical college
गोंडा। भीषण गर्मी के पूर्वानुमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक से बचाव की तैयारी तेज कर दी है। मेडिकल कॉलेज से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक लू से बचाव के इंतजाम किए जाएंगे। महाराजा देवी बख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में 10 बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड बनाया जाएगा। इसके अलावा सभी अस्पतालों में ओआरएस काॅर्नर बनाया जाएगा।
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केंद्रीय स्वास्थ्य महानिदेशालय के दिशा-निर्देश के बाद हीट स्ट्रोक से निपटने के इंतजाम किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि प्रथम तल पर बने डेंगू वार्ड को अब हीट स्ट्रोक वार्ड बनाया जाएगा। इसमें 10 बेड लू से पीड़ित मरीजों के लिए रिजर्व किए जाएंगे। जिसमें दो कूलर की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, महिला व पुरुष मेडिकल वार्डों में दो-दो कूलर लगाए जाएंगे। इसी तरह मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी व पीएचसी पर एक-एक ओआरएस काॅर्नर बनाया जाएगा। जहां ओआरएस वितरण की व्यवस्था की जाएगी। ओआरएस कॉर्नर पर तैनात कर्मचारी हीट स्ट्रोक से बचाव के तरीके बताएगा।
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उन्होंने बताया कि नवजात शिशुओं, छोटे बच्चों, बाहर काम करने वाले लोगों, गर्भवती महिलाओं, मानसिक रोगियों, हृदय या उच्च रक्तचाप रोगियों को जोखिम वर्ग में रखा गया है। इस वर्ग को लू में विशेष तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है।
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मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. एजाज अहमद के मुताबिक मौसम विभाग ने मई से जून के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने का अनुमान बताया है। सामान्य मानव शरीर का तापमान 36.4 से 37.2 डिग्री सेल्सियस रहता है, लेकिन हीट स्ट्रोक की वजह से यह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहता है। इससे लोगों को भटकाव, भ्रम, चिड़चिड़ापन, बेहोशी, मांसपेशियों में ऐंठन, दिल की धड़कन तेज होने के साथ ही तेज सिरदर्द हो सकता है। यह हृदय, श्वसन, गुर्दे की पुरानी बीमारियों को भी बढ़ा सकता है। डॉक्टर ने कहा कि अगर बहुत जरूरी न हो तो दोपहर 12 बजे से दो बजे के बीच घर से न निकलें।
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