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शराब की दुकानों को हटाने के लिए किया धरना-प्रदर्शन
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:08 PM IST
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दिलदारनगर (गाजीपुर)। नगर के वार्ड नंबर-एक में स्थित अंग्रेजी, बीयर तथा देशी शराब की दुकान को आबादी से हटाने की मांग को लेकर बुधवार को सैकड़ों महिला और पुरुषों ने धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर किसी अधिकारी के न पहुंचने से नाराज लोगों ने स्टेशन रोड पर सड़क जाम कर दिया। बाद में थानाध्यक्ष ने आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया और एसडीएम ने धरना-प्रदर्शन किया।
धरना में कौशल्या देवी ने कहा कि जब तक शराब की दुकानों को यहां से नहीं हटाया जाता है, तब तक हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होते रहेंगे। कहा कि पिछले सत्र में आबकारी विभाग के बड़े अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया गया था कि अगले सत्र में तीनों दुकानें यहां नहीं खुलेंगी, लेकिन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण नये सत्र में भी तीनों दुकानें उसी जगह पर खुल गई हैं। इससे मोहल्लावासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शराब की दुकानों सुबह से लेकर देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लग रहा है। नशे में धुत होकर शराबी आने-जाने वाले महिलाओं और युवतियों पर छींटाकशी करने के साथ ही आए दिन आपस में मारपीट कर रहे हैं, जिससे मोहल्ला के शांति में खलल पड़ रहा है। इसलिए इन दुकान को आबादी से हटा कर आबादी के बाहर खोला जाए। कहा कि आज तो हम लोग दुकानों के लिए यहां से हटाने के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन यदि समय रहते दुकानों को नहीं हटाया गया तो हम लोग जाम लगाने के साथ ही बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। अली मजहर उर्फ गुड्डू ने कहा कि आबादी के बीच शराब की दुकान होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लड़कियां और महिलाएं हमेशा इस रास्ते से गुजरती रहती हैं। इस कारण हमेशा भय बना रहता है। धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाएं लाठी-डंडा झाड़ू लेकर गुस्से में बैठी रहीं। दिन में तीन बजे तक जब कोई अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने स्टेशन रोड पर सड़क जाम कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और लोगों से वार्ता कर संबंधित विभाग से बात कर दुकानों को हटवाने का आश्वासन दिया। इस पर आधा घंटा बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त पुन: धरना-प्रदर्शन करने लगे। शाम को करीब चार बजे सेवराई के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए दुकान को आबादी से हटाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। इस मौके पर रामप्रवेश, गुलाब राम, टेंपो बिंद, अनिल गुप्ता, अलीशेर, रानी कुमारी, दुलारी देवी, इंद्रासनी देवी, बसंती देवी, अली अजहर आदि मौजूद थे।
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धरना में कौशल्या देवी ने कहा कि जब तक शराब की दुकानों को यहां से नहीं हटाया जाता है, तब तक हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होते रहेंगे। कहा कि पिछले सत्र में आबकारी विभाग के बड़े अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया गया था कि अगले सत्र में तीनों दुकानें यहां नहीं खुलेंगी, लेकिन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण नये सत्र में भी तीनों दुकानें उसी जगह पर खुल गई हैं। इससे मोहल्लावासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शराब की दुकानों सुबह से लेकर देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लग रहा है। नशे में धुत होकर शराबी आने-जाने वाले महिलाओं और युवतियों पर छींटाकशी करने के साथ ही आए दिन आपस में मारपीट कर रहे हैं, जिससे मोहल्ला के शांति में खलल पड़ रहा है। इसलिए इन दुकान को आबादी से हटा कर आबादी के बाहर खोला जाए। कहा कि आज तो हम लोग दुकानों के लिए यहां से हटाने के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन यदि समय रहते दुकानों को नहीं हटाया गया तो हम लोग जाम लगाने के साथ ही बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। अली मजहर उर्फ गुड्डू ने कहा कि आबादी के बीच शराब की दुकान होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लड़कियां और महिलाएं हमेशा इस रास्ते से गुजरती रहती हैं। इस कारण हमेशा भय बना रहता है। धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाएं लाठी-डंडा झाड़ू लेकर गुस्से में बैठी रहीं। दिन में तीन बजे तक जब कोई अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने स्टेशन रोड पर सड़क जाम कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और लोगों से वार्ता कर संबंधित विभाग से बात कर दुकानों को हटवाने का आश्वासन दिया। इस पर आधा घंटा बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त पुन: धरना-प्रदर्शन करने लगे। शाम को करीब चार बजे सेवराई के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए दुकान को आबादी से हटाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। इस मौके पर रामप्रवेश, गुलाब राम, टेंपो बिंद, अनिल गुप्ता, अलीशेर, रानी कुमारी, दुलारी देवी, इंद्रासनी देवी, बसंती देवी, अली अजहर आदि मौजूद थे।
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