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बच्चों के साथ ससुराल में रहने लगी साधना
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कासिमाबाद। थाना क्षेत्र के महुआरी गांव में अपने ससुराल के दरवाजे पर एक विवाहिता सात दिन से धरने पर बच्चों के साथ बैठी थी। विवहिता को बच्चों के साथ सात दिनों से धरना पर बैठी थी। आखिरकार रविवार की देर रात विवाहिता को परिजनों के विरोध के बावजूद पुलिस के सहयोग से घर में प्रवेश मिल गया। घर में प्रवेश पाते ही विवाहिता काफी खुश नजर आई। जबकि ससुराल पक्ष प्रशासन के सामने काफी हो -हल्ला मचाता रहा और घर में प्रवेश का विरोध भी करता रहा। लेकिन विरोध करने पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मरदह थाना क्षेत्र के हैदरगंज निवासी राधेश्याम चौहान की पुत्री साधना चौहान की शादी के दस साल बीतने के बाद पति मामूली बात को लेकर मारपीट कर घर से भगा दिया था। उधर साधना का पति प्रमोद चौहान तलाक के लिए प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय गाजीपुर में मुकदमा दायर कर परिजनों के अनुसार दुबई चला गया है। पति तलाक के लिए मुकदमा दायर दिया है, इसकी जानकारी साधना को जैसे ही हुई, वह अपनी तीन पुत्रियों काजल (08), आंचल (05) एवं कृति दो वर्ष के साथ अपनी बहन मीरा को लेकर कासिमाबाद थाने के महुआरी गांव स्थित अपने ससुराल के चौखट पर पहुंच गई और धरने पर बैठकर न्याय की गुहार लगाने लगी। इस बीच साधना चौहान का भाई जवाहर चौहान तहसील दिवस के साथ ही पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बहन को घर में प्रवेश दिलाने की गुहार लगाया। इतने के बाद भी प्रशासन मौन रहा और साधना ससुराल के बाहर लगातार सात दिनों से धरने पर बैठी रही। रविवार की देर शाम भाजपा नेत्री केतकी सिंह के संज्ञान में जैसे ही यह प्रकरण आया, उन्होंने तत्काल जिला अधिकारी के बालाजी एवं पुलिस अधीक्षक गाजीपुर से बात कर विवाहिता को न्याय दिलाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि ऐसे ही मामलों में अधिकारियों की लापरवाही के चलते सरकार को बदनामी उठानी पड़ रही है। अगर शीघ्र महिला को न्याय नहीं मिला तो इसके लिए प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। जिलाधिकारी ने तत्काल उपजिलाधिकारी मंसाराम वर्मा को निर्देशित किया और आनन-फानन में उपजिलाधिकारी के साथ प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद जय श्याम शुक्ला पुलिस बल के साथ महुआरी पहुंचकर रात को ही प्रकरण समाप्त करते हुए विवाहिता को बच्चों सहित घर में प्रवेश दिला दिया। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि प्रवेश के समय परिजनों से काफी तू-तू, मैं-मैं भी हुई, जिससे साधना के श्वसुर राम सूचित चौहान एवं केरा चौहान को शांति भंग में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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मरदह थाना क्षेत्र के हैदरगंज निवासी राधेश्याम चौहान की पुत्री साधना चौहान की शादी के दस साल बीतने के बाद पति मामूली बात को लेकर मारपीट कर घर से भगा दिया था। उधर साधना का पति प्रमोद चौहान तलाक के लिए प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय गाजीपुर में मुकदमा दायर कर परिजनों के अनुसार दुबई चला गया है। पति तलाक के लिए मुकदमा दायर दिया है, इसकी जानकारी साधना को जैसे ही हुई, वह अपनी तीन पुत्रियों काजल (08), आंचल (05) एवं कृति दो वर्ष के साथ अपनी बहन मीरा को लेकर कासिमाबाद थाने के महुआरी गांव स्थित अपने ससुराल के चौखट पर पहुंच गई और धरने पर बैठकर न्याय की गुहार लगाने लगी। इस बीच साधना चौहान का भाई जवाहर चौहान तहसील दिवस के साथ ही पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बहन को घर में प्रवेश दिलाने की गुहार लगाया। इतने के बाद भी प्रशासन मौन रहा और साधना ससुराल के बाहर लगातार सात दिनों से धरने पर बैठी रही। रविवार की देर शाम भाजपा नेत्री केतकी सिंह के संज्ञान में जैसे ही यह प्रकरण आया, उन्होंने तत्काल जिला अधिकारी के बालाजी एवं पुलिस अधीक्षक गाजीपुर से बात कर विवाहिता को न्याय दिलाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि ऐसे ही मामलों में अधिकारियों की लापरवाही के चलते सरकार को बदनामी उठानी पड़ रही है। अगर शीघ्र महिला को न्याय नहीं मिला तो इसके लिए प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। जिलाधिकारी ने तत्काल उपजिलाधिकारी मंसाराम वर्मा को निर्देशित किया और आनन-फानन में उपजिलाधिकारी के साथ प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद जय श्याम शुक्ला पुलिस बल के साथ महुआरी पहुंचकर रात को ही प्रकरण समाप्त करते हुए विवाहिता को बच्चों सहित घर में प्रवेश दिला दिया। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि प्रवेश के समय परिजनों से काफी तू-तू, मैं-मैं भी हुई, जिससे साधना के श्वसुर राम सूचित चौहान एवं केरा चौहान को शांति भंग में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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