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अज्ञात वाहन की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत

Tue, 04 Sep 2018 10:08 PM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 10:08 PM IST
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अज्ञात वाहन की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत
कासिमाबाद। थाना क्षेत्र के पूर्वांचल सहकारी कताई मिल बड़ौरा के सामने सोमवार की देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार राजमिस्त्री की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में मृतक के बड़े भाई ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई।
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महुआरी नकटू गांव निवासी विजयशंकर राजभर (40) राजमिस्त्री का काम करता था। रोज की तरह सोमवार की सुबह भी किसी मकान निर्माण का कार्य करने के लिए मऊ निकल गया। शाम को काम से छुट्टी होने के बाद साइकिल से घर लौट रहा था। इसी दौरान बड़ौरा गांव के समीप कताई मिल के सामने किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। रात करीब साढ़े आठ बजे महुआरी गांव के आधा दर्जन किसान आवारा पशुओं को अपने खेतों से खदेड़ते हुए कताई मिल के पास पहुंचे तो देखा कि विजयशंकर राजभर लहूलुहान होकर सड़क पर पड़ा है। उन्होंने तत्काल 108 नंबर एम्बुलेंस और उसके परिवार वालों को दुर्घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में परिवार के साथ ही एम्बुलेंस कर्मी मौके पर पहुंच गए। परिजन विजयशंकर को लेकर कासिमाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने परिवार के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। मृतक के बड़े भाई रामाशीष राजभर ने अज्ञात चालक के खिलाफ तहरीर दी है। इस संबंध में थाना पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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कासिमाबाद। विजयशंकर राजभर की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह राजमिस्त्री का काम करके अपनी पुत्री वंदना (18), रंजना (15), कंचन (12) के साथ ऋषिकेष (08) और अंश (04) वर्ष का पालन-पोषण करता था। लोगों द्वारा लाख सांत्वना देने के बाद भी पत्नी निराशा देवी की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वह बिलखते हुए बार-बार यही कह रही थी कि पति की मौत के बाद अब वह बच्चों का पालन-पोषण किसके सहारे करेगी। अब कैसे बेटियों का हाथ पीला होगा। उसकी इस व्यथा को सुन वहां मौजूद लोग भी बेचैन हो जा रहे थे और उनकी आंखें भर जा रही थी।
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