राज्य कर्मचारियों की मांगों को लेकर 27 नवंबर को निकलने वाले मशाल जुलूस की सफलता के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त पारिषद और कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कार्यालयों में घूम कर कर्मचारियों से संपर्क साधा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव कहा कि वेतन समिति की संस्तुतियों को तीन वर्ष से लागू नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य सचिव समिति की एक भी बैठक भी नहीं हुई जिससे कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुरानी पेंशन को बहाल न करने से कर्मचारियों में रोष है। आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा एवं न्यूनतम वेतन के लिए एक नीति नहीं बनाई जा रही है, जिससे नौजवानों का भविष्य अंधकारमय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रिक्त पदों पर नियुक्तियों और पदोन्नति का प्रचार तो कर रही है लेकिन हकीकत तो कुछ और है। अनेकों बार ज्ञापन के माध्यम से सीएम को अवगत कराया गया, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। इस क्रम 12 सूत्री मांगों को लेकर जनपद स्तर पर 27 नवंबर को मशाल जुलूस के माध्यम से सीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। भ्रमण टीम में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष एसपी गिरी, बालेंद त्रिपाठी, अभय कुमार, रमेश कुमार, दिनेश यादव, शिरीष श्रीवास्तव, अमित कुमार, संजीव, विनोद, अरविंद, हरेंद्र, सुरेंद्र मौजूद रहे।