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हत्या के प्रयास के मामले में अभियुक्त को पांच वर्ष की कैद
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:05 PM IST
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गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने खानपुर थाना क्षेत्र में हुए हत्या के प्रयास के मामले में मंगलवार को अभियुक्त को पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मालूम हो कि खानपुर थाना क्षेत्र के भंवरपुर भवनचक निवासी राधेश्याम यादव ने बीते आठ जून वर्ष 2010 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसने बताया था कि आठ जून वर्ष 2010 की शाम साढ़े पांच बजे उसके पट्टीदार रामवृक्ष यादव पुत्र संकठा यादव रास्ते के विवाद को लेकर गाली देते हुए दरवाजे पर चढ़ गए। इसके बाद अपनी लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिए। संयोग रहा कि गोली नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गया। लिखित तहरीर के आधार पर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पट्टीदार रामवृक्ष यादव के विरुद्ध दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 5 गवाह पेश किए गए। प्रत्यक्षदर्शी वादी की पत्नी इंदु देवी और उसकी लड़की किरण ने अपना बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनिल कुमार सिंह यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त रामवृक्ष को धाराओं के तहत दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई है।
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मालूम हो कि खानपुर थाना क्षेत्र के भंवरपुर भवनचक निवासी राधेश्याम यादव ने बीते आठ जून वर्ष 2010 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसने बताया था कि आठ जून वर्ष 2010 की शाम साढ़े पांच बजे उसके पट्टीदार रामवृक्ष यादव पुत्र संकठा यादव रास्ते के विवाद को लेकर गाली देते हुए दरवाजे पर चढ़ गए। इसके बाद अपनी लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिए। संयोग रहा कि गोली नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गया। लिखित तहरीर के आधार पर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पट्टीदार रामवृक्ष यादव के विरुद्ध दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 5 गवाह पेश किए गए। प्रत्यक्षदर्शी वादी की पत्नी इंदु देवी और उसकी लड़की किरण ने अपना बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनिल कुमार सिंह यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त रामवृक्ष को धाराओं के तहत दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई है।
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