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प्रसव के बाद नवजात को मां का दूध ही सर्वेतम
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:04 PM IST
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गाजीपुर। स्तनपान की महत्ता एवं शिशुओं की मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला महिला अस्पताल के सभागार में बुधवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने बताया कि जिले में सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। इसके तहत महिलाओं को जागरूक करने के साथ नवजात शिशुओं को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाने की जानकारी दी जाएगी।
एसीएमओ डा. आरके सिन्हा ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात को मां का दूध ही सर्वोत्तम माना जाता है। यह तमाम तरह की होने वाली बीमारियों से उनकी रक्षा करता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण एवं खानपान मिलने से नवजात का विकास बेहतर होता है। स्तनपान नवजात की वृद्धि एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान रखता है। इसके अलावा मां एवं शिशु के मध्य यह एक आत्मीय स्त्रोत भी माना जाता है। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ ने बताया कि जिन नवजात शिशुओं को मां का दूध शुरुआती दिनों में नहीं मिल पाता है। वैसे बच्चे काफी कमजोर होने के साथ तमाम बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। यहीं नहीं असमय उनकी मौत भी हो जाती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने से गर्भ में पल रहे शिशु पर काफी प्रभाव पड़ता है। स्तनपान के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए सभी सीएचसी-पीएचसी के प्रसव कक्ष के पास स्थित वार्ड में एलईडी लगा कर शासन की ओर से बनाई गई फिल्म को दिखा कर जागरूक करने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर सीएमएस डा. विनीता जायसवाल, अमित राय सहित स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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एसीएमओ डा. आरके सिन्हा ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात को मां का दूध ही सर्वोत्तम माना जाता है। यह तमाम तरह की होने वाली बीमारियों से उनकी रक्षा करता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण एवं खानपान मिलने से नवजात का विकास बेहतर होता है। स्तनपान नवजात की वृद्धि एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान रखता है। इसके अलावा मां एवं शिशु के मध्य यह एक आत्मीय स्त्रोत भी माना जाता है। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ ने बताया कि जिन नवजात शिशुओं को मां का दूध शुरुआती दिनों में नहीं मिल पाता है। वैसे बच्चे काफी कमजोर होने के साथ तमाम बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। यहीं नहीं असमय उनकी मौत भी हो जाती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने से गर्भ में पल रहे शिशु पर काफी प्रभाव पड़ता है। स्तनपान के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए सभी सीएचसी-पीएचसी के प्रसव कक्ष के पास स्थित वार्ड में एलईडी लगा कर शासन की ओर से बनाई गई फिल्म को दिखा कर जागरूक करने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर सीएमएस डा. विनीता जायसवाल, अमित राय सहित स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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