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महिला की मौत और डेथ सर्टिफिकेट देने में विलंब करने पर किया हंगामा
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:34 PM IST
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मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को चिकित्सकों की लापरवाही से महिला की मौत एवं डेथ सर्टिफिकेट देने में विलंब करने पर महिला के परिजनों ने हास्पिटल परिसर में जमकर हंगामा किया। बाद में हरिहरपुर गांव के सामने जाकर गाजीपुर-भरौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ देर के लिए चक्काजाम किया।
स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी सुरेंद्र राम की पुत्री रानी को चार दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में प्रसव हुआ था। शुक्रवार की सुबह रानी को परिवार वालों ने सिरदर्द और बुखार से पीड़ित बताकर हास्पिटल में भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर बीमार महिला को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने और दवाएं देकर अन्य मरीज देखने लगे। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों द्वारा डेथ सर्टिफिकेट जल्द बनाकर देने की मांग की गई, जिसमें देरी होने पर परिजनों ने हंगामा शुरू किया। महिला की मौत के लिए डाक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए हरिहरपुर अंबेडकर पार्क के सामने गाजीपुर-भरौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग आधे घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना पाकर मौके पर गए उपजिलाधिकारी एवं कोतवाल ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। जाम समाप्त कराने के बाद उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आकर मृत महिला का डेथ सर्टिफिकेट दिलवाया। कहा कि पीड़ित की तरफ से प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच कराकर अगर किसी की इलाज में लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम श्री यादव ने हास्पिटल के डाक्टरों से कहा कि हास्पिटल की एक्स-रे आदि सभी मशीनों को दुरूस्त किया जाए। प्रसव के दौरान महिलाओं को मिलने वाली अनुग्रह धनराशि का फार्म तत्काल भेज दिया जाए। हास्पिटल के अधीक्षक डा. निरंजन प्रसाद ने बताया कि महिला का चार दिन पहले प्रसव हुआ था। आज परिजन उसे बुखार एवं सिर दर्द बताकर इलाज के लिए लाए थे जहां इलाज के दौरान महिला की मृत्यु हो गई। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। परिजन डेथ सर्टिफिकेट जल्दबाजी में लेना चाहते थे लेकिन नसबंदी कैंप के चलते डेथ सर्टिफिकेट देने में विलंब हुआ जिस पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया।
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स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी सुरेंद्र राम की पुत्री रानी को चार दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में प्रसव हुआ था। शुक्रवार की सुबह रानी को परिवार वालों ने सिरदर्द और बुखार से पीड़ित बताकर हास्पिटल में भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर बीमार महिला को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने और दवाएं देकर अन्य मरीज देखने लगे। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों द्वारा डेथ सर्टिफिकेट जल्द बनाकर देने की मांग की गई, जिसमें देरी होने पर परिजनों ने हंगामा शुरू किया। महिला की मौत के लिए डाक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए हरिहरपुर अंबेडकर पार्क के सामने गाजीपुर-भरौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग आधे घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना पाकर मौके पर गए उपजिलाधिकारी एवं कोतवाल ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। जाम समाप्त कराने के बाद उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आकर मृत महिला का डेथ सर्टिफिकेट दिलवाया। कहा कि पीड़ित की तरफ से प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच कराकर अगर किसी की इलाज में लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम श्री यादव ने हास्पिटल के डाक्टरों से कहा कि हास्पिटल की एक्स-रे आदि सभी मशीनों को दुरूस्त किया जाए। प्रसव के दौरान महिलाओं को मिलने वाली अनुग्रह धनराशि का फार्म तत्काल भेज दिया जाए। हास्पिटल के अधीक्षक डा. निरंजन प्रसाद ने बताया कि महिला का चार दिन पहले प्रसव हुआ था। आज परिजन उसे बुखार एवं सिर दर्द बताकर इलाज के लिए लाए थे जहां इलाज के दौरान महिला की मृत्यु हो गई। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। परिजन डेथ सर्टिफिकेट जल्दबाजी में लेना चाहते थे लेकिन नसबंदी कैंप के चलते डेथ सर्टिफिकेट देने में विलंब हुआ जिस पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया।
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