{"_id":"5ae20da84f1c1b320a8b6a51","slug":"161524764072-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी के बीच झांक रहीं गिट्टियां, मौजूद है गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी के बीच झांक रहीं गिट्टियां, मौजूद है गड्ढे
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गाजीपुर। हाल में नगरपालिका ने नगर की कई सड़कों की सूरत बदलने का काम किया है और कुछ को बदलने का कार्य तेजी से चल रहा है लेकिन झुन्नूलाल चौराहा से गोलाघाट होते हुए स्टीमर घाट और नवाब साहब के फाटक के उर्दू बाजार होते हुए हमीद सेतु तक जाने वाले मार्ग को सालों बाद भी नहीं बदला जा सका। आलम यह है कि कई स्थानों पर मार्ग का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। पिच की जगह सिर्फ गिट्टी-मिट्टी और छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। मिट्टी के बीच से गिट्टियां झांक रही हैं। इससे आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के झुन्नूलाल चौराहा से गोलाघाट होते हुए स्टीमर घाट जाने वाली सड़क पर सुबह से लेकर देर शाम तक आवागमन करने वालों का दबाव बना रहता है। करीब पांच वर्षों से इस मार्ग की हालत यह है कि कई स्थानों पर यह कच्ची सड़क के रूप में दिखाई दे रही है। काफी दूर तक पिच का अतापता नहीं है। मिट्टी के बीच से गिट्टियां झांक रही हैं। इसके साथ ही हर कदम पर छोटा-बड़ा गड्ढा मौजूद है, जो आवागमन करने वालों की परेशानियों को बढ़ा रहा है। लोग हिचकोले खाते और लड़खड़ाते हुए आने-जाने को विवश हो रहे हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति है नवाब साहब के फाटक से उर्दू बाजार होते हुए हमीद सेतु जाने वाली सड़क की। इस मार्ग की दशा यह है कि थोड़े हर 10 कदम पर छोटा-बड़ा गड्ढा मौजूद है। कई स्थानों पर पिच का अता-पता नहीं है। गड्ढों की वजह से बार-बार वाहन चालकों को ब्रेक लगाना पड़ता है। लोग चाहकर भी वाहनों को पूरी रफ्तार से नहीं दौड़ा पाते है। कई स्थानों पर पिच की जगह सिर्फ मिट्टी-गिट्टी होने से वाहनों के गुजरने के दौरान या तेज हवा चलने पर मिट्टी उड़ती है, जिससे सड़क के किनारे मकानों में रहने वालों के साथ ही आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उर्दू बाजार और गोलाघाट के निवासियों ने कहा कि एक तरफ जहां नगर क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की दशा को सुधार दिया गया है, वहीं इस सड़क की तरफ से नगरपालिका का ध्यान नहीं है। बताया कि कई बार सड़क निर्माण के लिए नगरपालिका को अवगत कराया गया। बावजूद इसके सड़क की दशा को सुधारने का कार्य नहीं किया जा रहा है।
शहर के झुन्नूलाल चौराहा से गोलाघाट होते हुए स्टीमर घाट जाने वाली सड़क पर सुबह से लेकर देर शाम तक आवागमन करने वालों का दबाव बना रहता है। करीब पांच वर्षों से इस मार्ग की हालत यह है कि कई स्थानों पर यह कच्ची सड़क के रूप में दिखाई दे रही है। काफी दूर तक पिच का अतापता नहीं है। मिट्टी के बीच से गिट्टियां झांक रही हैं। इसके साथ ही हर कदम पर छोटा-बड़ा गड्ढा मौजूद है, जो आवागमन करने वालों की परेशानियों को बढ़ा रहा है। लोग हिचकोले खाते और लड़खड़ाते हुए आने-जाने को विवश हो रहे हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति है नवाब साहब के फाटक से उर्दू बाजार होते हुए हमीद सेतु जाने वाली सड़क की। इस मार्ग की दशा यह है कि थोड़े हर 10 कदम पर छोटा-बड़ा गड्ढा मौजूद है। कई स्थानों पर पिच का अता-पता नहीं है। गड्ढों की वजह से बार-बार वाहन चालकों को ब्रेक लगाना पड़ता है। लोग चाहकर भी वाहनों को पूरी रफ्तार से नहीं दौड़ा पाते है। कई स्थानों पर पिच की जगह सिर्फ मिट्टी-गिट्टी होने से वाहनों के गुजरने के दौरान या तेज हवा चलने पर मिट्टी उड़ती है, जिससे सड़क के किनारे मकानों में रहने वालों के साथ ही आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उर्दू बाजार और गोलाघाट के निवासियों ने कहा कि एक तरफ जहां नगर क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की दशा को सुधार दिया गया है, वहीं इस सड़क की तरफ से नगरपालिका का ध्यान नहीं है। बताया कि कई बार सड़क निर्माण के लिए नगरपालिका को अवगत कराया गया। बावजूद इसके सड़क की दशा को सुधारने का कार्य नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन