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अफजाल ने मनोज को 1,19, 392 वोटों के अंतर से हराया
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गाजीपुर। सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने गाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीत लिया है।
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के मनोज सिन्हा को 1,19,392 वोटों के अंतर से हराया है।
अफजाल अंसारी को कुल 5, 66, 082 वोट मिले हैं। जबकि दूसरे स्थान पर रहे मनोज सिन्हा को 4,46,690 मत मिले। सुहेलदेव भाकपा के रामजी राजभर को 33868 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अजीत प्रपात कुशवाहा 19, 834 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। इस चुनाव मनोज सिन्हा को छोड़कर कोई भी उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सका। देर रात मतगणना पूरी होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के बालाजी ने विजेता उम्मीदवार अफजाल अंसारी को प्रमाण-पत्र दिया। देर रात अफजाल अंसारी के जीत पर जहां चहुओर जश्न का माहौल रहा, वहीं भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा की हार पर समर्थकों में मायूसी दिखी।
उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी मनोज सिन्हा (भाजपा) ने सांसद रहते जनपद का चहुमुखी विकास किया। उनको विकास के भरोसे जातीय बंधन टूटने का पूरा भरोसा था। लेकिन 4, 46, 690 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा से अलग हुए सुभासपा के उम्मीदवार रामजी राजभर 33877 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अजीत प्रपात कुशवाहा को 19, 834 मत ही मिल सका और ये चौथे स्थान पर रहे। इनके आलावा भाकपा के भानू प्रकाश पांडेय को 7844 मत मिले, भाकपा माले के ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा को 5946 मत, प्रसपा संतोष यादव को 2448 वोट, किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के बृजेंद्र वर्मा को 1019 मत, जनता राज पार्टी के भरत को 949 मत, प्रमासपा राजेश कुमार यादव को 1822 मत, भारतीय जननायक पार्टी के डा. राजेश सिंह को 1232 मत, मौलिक अधिकार पार्टी के राम प्रवेश 3392 मत, नेशनलिस्ट जनशक्ति पार्टी के वेद प्रकाश को 2400 तथा निर्दल उम्मीदवार हृदय नारायण सिंह को 6221 मत मिले हैं। जबकि कुल 6831 मतदाताओं ने किसी भी दल को अपना मत न देकर नोटा का बटन दबाया।
देखा जाए तो महागठबंधन (सपा-बसपा) के उम्मीदवार अफजाल अंसारी वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। तब भी चुनाव मैदान में मनोज सिन्हा से आमना-सामना हुआ था। दूसरी बार भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा को हराकर अफजाल एक बार फिर संसद में पहुंचे। गाजीपुर लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने पहली बार परचम लहराया है। अफजाल अंसारी ने कहा कि यह जीत आम मतदाताओं की सबसे बड़ी जीत है। इस सीट पर बारी-बारी से सभी दलों को जनता ने मौका दिया है। सपा-बसपा के गठबंधन से बसपा को पहली बार इस सीट पर जीत मिली है। वर्ष 1996 से लेकर अब तक तीन बार भाजपा ने यहां से जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा जीत दोहरा न सके। उधर गठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी की जीत पर गाजीपुर की पांचों विधानसभाओं में जमकर जश्न मना। प्रमाण पत्र लेकर निकलने के बाद से ही समर्थक अबीर-गुलाल उड़ाने लगे।
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उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के मनोज सिन्हा को 1,19,392 वोटों के अंतर से हराया है।
अफजाल अंसारी को कुल 5, 66, 082 वोट मिले हैं। जबकि दूसरे स्थान पर रहे मनोज सिन्हा को 4,46,690 मत मिले। सुहेलदेव भाकपा के रामजी राजभर को 33868 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अजीत प्रपात कुशवाहा 19, 834 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। इस चुनाव मनोज सिन्हा को छोड़कर कोई भी उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सका। देर रात मतगणना पूरी होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के बालाजी ने विजेता उम्मीदवार अफजाल अंसारी को प्रमाण-पत्र दिया। देर रात अफजाल अंसारी के जीत पर जहां चहुओर जश्न का माहौल रहा, वहीं भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा की हार पर समर्थकों में मायूसी दिखी।
उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी मनोज सिन्हा (भाजपा) ने सांसद रहते जनपद का चहुमुखी विकास किया। उनको विकास के भरोसे जातीय बंधन टूटने का पूरा भरोसा था। लेकिन 4, 46, 690 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा से अलग हुए सुभासपा के उम्मीदवार रामजी राजभर 33877 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अजीत प्रपात कुशवाहा को 19, 834 मत ही मिल सका और ये चौथे स्थान पर रहे। इनके आलावा भाकपा के भानू प्रकाश पांडेय को 7844 मत मिले, भाकपा माले के ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा को 5946 मत, प्रसपा संतोष यादव को 2448 वोट, किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के बृजेंद्र वर्मा को 1019 मत, जनता राज पार्टी के भरत को 949 मत, प्रमासपा राजेश कुमार यादव को 1822 मत, भारतीय जननायक पार्टी के डा. राजेश सिंह को 1232 मत, मौलिक अधिकार पार्टी के राम प्रवेश 3392 मत, नेशनलिस्ट जनशक्ति पार्टी के वेद प्रकाश को 2400 तथा निर्दल उम्मीदवार हृदय नारायण सिंह को 6221 मत मिले हैं। जबकि कुल 6831 मतदाताओं ने किसी भी दल को अपना मत न देकर नोटा का बटन दबाया।
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देखा जाए तो महागठबंधन (सपा-बसपा) के उम्मीदवार अफजाल अंसारी वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। तब भी चुनाव मैदान में मनोज सिन्हा से आमना-सामना हुआ था। दूसरी बार भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा को हराकर अफजाल एक बार फिर संसद में पहुंचे। गाजीपुर लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने पहली बार परचम लहराया है। अफजाल अंसारी ने कहा कि यह जीत आम मतदाताओं की सबसे बड़ी जीत है। इस सीट पर बारी-बारी से सभी दलों को जनता ने मौका दिया है। सपा-बसपा के गठबंधन से बसपा को पहली बार इस सीट पर जीत मिली है। वर्ष 1996 से लेकर अब तक तीन बार भाजपा ने यहां से जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा जीत दोहरा न सके। उधर गठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी की जीत पर गाजीपुर की पांचों विधानसभाओं में जमकर जश्न मना। प्रमाण पत्र लेकर निकलने के बाद से ही समर्थक अबीर-गुलाल उड़ाने लगे।
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