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दस से शुरू होगा मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान

Wed, 05 Dec 2018 10:51 PM IST
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:51 PM IST
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दस से शुरू होगा मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान
गाजीपुर। वायरस से फैलने वाले रूबेला जद में आने से बच्चों में विकलांगता आने के साथ ही मौत भी हो सकती है। इसकी रोकथाम के लिए 10 दिसंबर से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए लंका मैदान से सात दिसंबर को रैली निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों के लोग शामिल होंगे। यह बात बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने सीएमओ कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताई।
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कहा कि खसरा तथा रूबेला के प्रति सुरक्षा प्रदान के लिए खसरा रूबेला का एक टीकाकरण आरंभ किया जाएगा। अभियान का शुभारंभ 26 नवंबर से हो गया है। जनपद में 10 दिसंबर से यह अभियान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से शुरू होकर 17 जनवरी तक चलेगा। सदर ब्लाक की शुरुआत बबेड़ी से होगी। ब्लॉकों पर एसडीएम कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। सात दिसंबर को लंका मैदान से जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। रैली के जरिए लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न माध्यमों से अभियान का प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। जिससे नौ माह से लेकर 15 वर्ष तक के सभी बच्चों का टीकाकरण कर उन्हें खतरनाक बीमारी से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिया कि इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम प्रधानों के साथ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीसी मौर्य, अपर सीएमओ डॉ. आरके सिन्हा, डिप्टी सीएमओ डॉ. केके वर्मा, डब्लूएचओ प्रभारी पंकज सूद, यूनिसेफ की डॉ. मीनाक्षी, बाबू अमित राय, मणिंद्र कुशवाहा, राघवेंद्र सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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12 लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण का है लक्ष्य
गाजीपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्य ने बताया कि विश्व में मिजिल्स से प्रति वर्ष एक लाख 34 हजार बच्चों की मौत होती है। इसमें भारत में 50 हजार बच्चों की मौत होती है, जो गंभीर चिंता का विषय है। मिजिल्स और रुबेला को लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है और वर्ष 2020 तक इसके उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 12 लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।इसलिए खसरा रोग के सफाई तथा रूबेला को नियंत्रित करने के लिए नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को यह टीकाकरण बहुत जरूरी है। पहले चरण में स्कूलों में टीकाकरण अभियान चलेगा, दूसरे चरण में जो बच्चे स्कूल नहीं आते है और बाहर घूमते है उन्हें तीसरे चरण में ईंट भट्ठों पर अभियान चलाकर चलाकर बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। जनपद के 5316 स्कूलों में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
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खाली पेट नहीं होगा टीकाकरण
गाजीपुर। अपर सीएमओ डॉ. आरके सिन्हा बताया स्कूलों में चलने वाले टीकाकरण अभियान से संबंध में प्रधानाचार्यों से बातचीत कर कार्यक्रम की रणनीति तैयार कर ली गई है। पहले दो सप्ताह तक स्कूलों में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से होगी। एक एएनएम 200 टीके लगाएगी। बच्चों की संख्या के आधार पर टीम जाएगी। पहले बड़े स्कूलों में अभियान चलेगा। जिस स्कूल में टीकाकरण का कायर होगा, उसे एक ही दिन में पूरा करना है। खाली पेट किसी भी हाल में बच्चों का टीकाकरण नहीं किया जाएगा। जिन बच्चों की टीकाकरण हो जाएगा, उन्हें मैदान में खेलने के लिए भेज दिया जाएगा। ताकि अन्य बच्चों को किसी प्रकार की घबराहट न हो। टीकाकरण के बाद किसी बच्चे की हालत न बिगड़े, इसके लिए सभी चिकित्सकों को जरूरी दवाओं की कीट उपलब्ध कराई जाएगी।

खसरा और रूबेला के बारे में मुख्य बातें...
- खसरा भारत में प्रतिवष करीब 49200 बच्चों की मृत्यु का कारण है।
- खसरे में संक्रमण का खतरा चकते के नजर आने से चार दिन पहले से लेकर चकते दूर होने के चार दिन बाद तक रहता है। रूबेला की स्थिति में संक्रमण का खतरा चकते नजर आने के सात दिन पहले से लेकर चकते शुरू होने के सात दिन बाद तक रहता है।

- खसरा जटिलताओं को पैदा कर सकता है। जैसे डायरिया, निमोनिया, मुंह का अल्सर, कान में संक्रमण, आंखों को नुकसान और इससे मृत्यु भी हो सकता है।
- जिन बच्चों को टीका नहीं लगा होता है, उन्हें खसरा रूबेला संक्रमण होने का भारी जोखिम रहता है।
- गर्भावस्था के दौरान रूबेला संक्रमण के कारण गर्भपात मृत प्रसव भी हो सकता हैै। इसके अलावा इससे नवजात शिशु में कई दोष हो सकते हैं। जैसे अंधापन, बहरापन, दिल का दोष। इसे सीआरएस या जन्मजात रूबेला सिंड्रोम कहते हैं।
- खसरा रूबेला/सीआरएस की रोकथाम का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है और यह टीका भारत सरकार द्वारा अभियान के साथ-साथ नियमित नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
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