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आधा-अधूरा ही रह गया सड़कों का निर्माण (मुद्दा तब और अब)
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सेवराई। गाजीपुर लोकसभा के तहत आने वाली सेवराई तहसील क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक विकास नहीं हुआ। यहां के युवाओं, किसानों तथा व्यापारियों की तमाम समस्याएं तस की तस बनी हैं। जाम की समस्या, राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत और चौड़ीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग, पुलिया, गांव में बिजली आदि की समस्याएं दूर नहीं हो पाईं। रेल के क्षेत्र में स्टेशनों का विकास तो हुआ लेकिन कुछ गाड़ियों के ठहराव की मांग पूरी नहीं हुई। लोगों का मानना है कि नेताओं से कोरा आश्वासन सुनने की आदत सी पड़ गई है।
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पिछले चुनाव का अधिकतर वादा पूरा नहीं हुआ। न तो क्षेत्र में युवाओं को रोजगार ही मिला और न ही कोई फैक्टरी या उपक्रम ही लगा। सबसे अधिक समस्या किसानों को हो रही है। क्षेत्र की नहरें सूखी हुई है। किसान पानी की मांग करते ही रह गए लेकिन कुछ नहीं हुआ। - भानू प्रताप सेवराई
(फोटो)
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सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा तो देती रही लेकिन बेटियों की शिक्षा को लेकर बहुत गंभीरता नहीं देखने को मिली। अधिकतर के खाते में छात्रवृत्ति नहीं आई। कुछ सड़कों के निर्माण का काम तो शुरु हुआ है लेकिन वह आधी-अधूरी ही पड़ी हुई है- धर्मराज पांडेय, महना
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(फोटो)
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तहसील क्षेत्र बिहार सीमा से नजदीक है तथा अन्य जिलों को भी जोड़ता है। खेती किसानी के लिए इधर नहरों का जाल पसरा है लेकिन किसी में पानी नहीं रहता। गांवों को भरपूर बिजली तक नही मिलती। ट्रांसफार्मर खराब होने पर महीनों लोग अंधेरे में रहते हैं। इन सभी समस्याओं के निराकरण की आस धरी की धरी रह गई है- ओमप्रकाश, सेवराई
(फोटो)
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कोई विकास नहीं हुआ। अस्पतालों में डाक्टर नहीं जाते। मरीजों का शोषण होता रहता है। अपराध भी कम होने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अनाज की बिक्री में बिचौलियों का वर्चस्व हो गया है। बिजली, पानी, सड़क आदि गंभीर समस्या है - मो. हारुन खां, गोड़सरा
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पिछले चुनाव का अधिकतर वादा पूरा नहीं हुआ। न तो क्षेत्र में युवाओं को रोजगार ही मिला और न ही कोई फैक्टरी या उपक्रम ही लगा। सबसे अधिक समस्या किसानों को हो रही है। क्षेत्र की नहरें सूखी हुई है। किसान पानी की मांग करते ही रह गए लेकिन कुछ नहीं हुआ। - भानू प्रताप सेवराई
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सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा तो देती रही लेकिन बेटियों की शिक्षा को लेकर बहुत गंभीरता नहीं देखने को मिली। अधिकतर के खाते में छात्रवृत्ति नहीं आई। कुछ सड़कों के निर्माण का काम तो शुरु हुआ है लेकिन वह आधी-अधूरी ही पड़ी हुई है- धर्मराज पांडेय, महना
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तहसील क्षेत्र बिहार सीमा से नजदीक है तथा अन्य जिलों को भी जोड़ता है। खेती किसानी के लिए इधर नहरों का जाल पसरा है लेकिन किसी में पानी नहीं रहता। गांवों को भरपूर बिजली तक नही मिलती। ट्रांसफार्मर खराब होने पर महीनों लोग अंधेरे में रहते हैं। इन सभी समस्याओं के निराकरण की आस धरी की धरी रह गई है- ओमप्रकाश, सेवराई
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कोई विकास नहीं हुआ। अस्पतालों में डाक्टर नहीं जाते। मरीजों का शोषण होता रहता है। अपराध भी कम होने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अनाज की बिक्री में बिचौलियों का वर्चस्व हो गया है। बिजली, पानी, सड़क आदि गंभीर समस्या है - मो. हारुन खां, गोड़सरा
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