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कंचौसी पुलिस की कहानी में छेद ही छेद

Tue, 10 Jan 2017 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात Updated Tue, 10 Jan 2017 01:28 AM IST
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Kanchausi police story in holes
घटनास्थल पर रोते बिलखते परिजन।
 कंचौसी में पुलिस हिरासत में हुई मौत ने एक बार फिर पुलिस तंत्र पर गंभीर सवालिया निशान उठा दिए हैं।अनिल  को किशोरी लेने जाने के आरोप में हिरासत में लेने के पांच दिन तक आखिर कंचौसी चौकी पुलिस उसे चौकी में क्यों बैठाए रही। जबकि नियमानुसार 24 घंटे के अंदर उसे कोर्ट में पेश करना चाहिए लेकिन आखिर इसके पीछे क्या कारण रहे कि पुलिस ने क्यों दाखिल नहीं किया।
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वहीं, परिजनों का आरोप है कि अनिल को छोड़ने के लिए स्थानीय पुलिस 50 हजार रुपये मांग रही थी। इसके चलते पुलिस उसे चौकी में बैठाए रखा। जब रुपये नहीं दिए तो उसकी हत्या कर शव रेल ट्रैक पर डाल दिया गया। उसकी मौत कैसे हुई है, यह तो जांच के बाद चल सकेगा।
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वहीं, कंचौसी पुलिस द्वारा गढ़ी गई कहानी की पोल खुलती नजर आ रही है। शुरूआती समय में कंचौसी पुलिस ने कहा कि आरोपी शौच के लिए जा रहा था। भागने के प्रयास से ट्रैक पार करने लगा। इससे ट्रेन कटकर मौत हो गई। चूंकि, इसपर सवाल उठने लगे कि चौकी में शौचालय है तो उसे बाहर क्यों जाने दिया गया। इससे बचने के लिए  पुलिस ने अब चाय की दुकान से भाग जाने की कहानी गढ़ दी।
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