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भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने को कवायद तेज
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 09 May 2015 10:18 PM IST
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जिले में भूगर्भ जल तेजी के साथ नीचे खिसक रहा है। जलस्तर बढ़ाने के नदियों पर चेकडेम बनाने के साथ ही गांवों में बांध बनाकर बारिश का पानी रोकने की शुरूआत की है। इसके लिए मनरेगा योजना से काम कराने को एक दर्जन गांवों का चिन्हांकन किया है। पांच ब्लाक तो डार्कजोन घोषित हो गए। यमुना की तलहटी वाला इलाके की हालत भी खराब है।
गर्मी के साथ ही जलस्तर और नीचे खिसकना शुरू हो गया। हैंडपंप पानी नहीं दे रहे। पेयजल टंकियों को भरने को बने नलकूपों की भी हालत खराब है। कइयों में बालू आ रही है। जिले में बढ़ते पानी के संकट से उबरने को शासन से निर्देश तो सभी विभागों को हैं लेकिन अधिकारी हों या नगर के निवासी अभी चेते नहीं। अब मनरेगा योजना से खेत का पानी खेत अथवा गांव का पानी गांव में रोकने की पहल की है। एका क्षेत्र में बंधों को बारिश से पूर्व बनाने का निर्णय लिया है। एक दर्जन गांवों में इस तरह का प्रयोग किया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो इसका क्रम और आगे बढ़ेगा। एक दर्जन गांवों में बंधों का निर्माण कराने पर 30.41 लाख रुपया खर्च होगा। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर डीसी मनरेगा रमेशचंद्र ने भूमि संरक्षण अधिकारी भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग से इसके प्रस्ताव तैयार कराए हैं। धनराशि देने की हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत बारिश के पानी को रोकने की कवायद होगी।
इन गांवों में होगा बंधों का निर्माण
उपायुक्त मनरेगा एवं श्रम रोजगार रमेशचंद्र ने बताया एक दर्जन गांवों का चिन्हांकन किया है। इनमें हथौली जयसिंह पुर, भगनेर, रुहासी, कैलई, नगला गींगना, पैढ़त, पतारा, नगला वावन, एका, कौरीरा सरहद, पवरई, कछवाई गांव को शामिल किया है।
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रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापना को कवायद तेज
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जनपद में दिनोंदिन नीचे गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए नगर निगम के चिह्नित आधा दर्जन स्थानों पर विकास प्राधिकरण रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराएगा। जनपद में पानी के अत्यधिक दोहन के चलते पेयजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। जलस्तर गिरने के कारण फीरोजाबाद, नारखी व हाथवंत ब्लाक पूरी तरह डार्क जोन में आ चुके हैं। वहीं टूंडला, शिकोहाबाद, जसराना, एका, मदनपुर, अरांव ब्लॉक डार्क जोन की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए डीएम विजय किरन आनंद ने नगर निगम को शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित के निर्देश दिए थे। नगर निगम द्वारा गांधी पार्क, तहसील सदर कंपाउंड, जिला अस्पताल, उतर व दक्षिण थाना परिसर को रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए स्थान चयन किए हैं। बाद में, डीएम ने इस कार्य को विकास प्राधिकरण को सौंप दिया। नगर निगम ने चयनित स्थलों की सूची विकास प्राधिकरण को सौंप दी। अब प्राधिकरण कार्ययोजना की तैयारी में जुट गया है। इस संबंध में विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता एसएन प्रसाद का कहना है कि नगर निगम से चयनित स्थलों की सूची प्राप्त हुई है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना को कार्य योजना बनाई जा रही है। जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
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गर्मी के साथ ही जलस्तर और नीचे खिसकना शुरू हो गया। हैंडपंप पानी नहीं दे रहे। पेयजल टंकियों को भरने को बने नलकूपों की भी हालत खराब है। कइयों में बालू आ रही है। जिले में बढ़ते पानी के संकट से उबरने को शासन से निर्देश तो सभी विभागों को हैं लेकिन अधिकारी हों या नगर के निवासी अभी चेते नहीं। अब मनरेगा योजना से खेत का पानी खेत अथवा गांव का पानी गांव में रोकने की पहल की है। एका क्षेत्र में बंधों को बारिश से पूर्व बनाने का निर्णय लिया है। एक दर्जन गांवों में इस तरह का प्रयोग किया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो इसका क्रम और आगे बढ़ेगा। एक दर्जन गांवों में बंधों का निर्माण कराने पर 30.41 लाख रुपया खर्च होगा। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर डीसी मनरेगा रमेशचंद्र ने भूमि संरक्षण अधिकारी भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग से इसके प्रस्ताव तैयार कराए हैं। धनराशि देने की हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत बारिश के पानी को रोकने की कवायद होगी।
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इन गांवों में होगा बंधों का निर्माण
उपायुक्त मनरेगा एवं श्रम रोजगार रमेशचंद्र ने बताया एक दर्जन गांवों का चिन्हांकन किया है। इनमें हथौली जयसिंह पुर, भगनेर, रुहासी, कैलई, नगला गींगना, पैढ़त, पतारा, नगला वावन, एका, कौरीरा सरहद, पवरई, कछवाई गांव को शामिल किया है।
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रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापना को कवायद तेज
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जनपद में दिनोंदिन नीचे गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए नगर निगम के चिह्नित आधा दर्जन स्थानों पर विकास प्राधिकरण रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराएगा। जनपद में पानी के अत्यधिक दोहन के चलते पेयजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। जलस्तर गिरने के कारण फीरोजाबाद, नारखी व हाथवंत ब्लाक पूरी तरह डार्क जोन में आ चुके हैं। वहीं टूंडला, शिकोहाबाद, जसराना, एका, मदनपुर, अरांव ब्लॉक डार्क जोन की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए डीएम विजय किरन आनंद ने नगर निगम को शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित के निर्देश दिए थे। नगर निगम द्वारा गांधी पार्क, तहसील सदर कंपाउंड, जिला अस्पताल, उतर व दक्षिण थाना परिसर को रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए स्थान चयन किए हैं। बाद में, डीएम ने इस कार्य को विकास प्राधिकरण को सौंप दिया। नगर निगम ने चयनित स्थलों की सूची विकास प्राधिकरण को सौंप दी। अब प्राधिकरण कार्ययोजना की तैयारी में जुट गया है। इस संबंध में विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता एसएन प्रसाद का कहना है कि नगर निगम से चयनित स्थलों की सूची प्राप्त हुई है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना को कार्य योजना बनाई जा रही है। जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।