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धुर विरोधियों की जुगलबंदी ने ढहा दी सपाई किलाबंदी
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धुर विरोधियों की जुगलबंदी ने ढहा दी सपा की किलाबंदी
विधायक हरिओम व पूर्वमंत्री जयवीर सिंह से सपा को मिली पटखनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव परिणाम आने के बाद से शुरू हुई सपा की मुहिम अंतिम क्षणों में धराशाई हो गई। राजनीतिक तौर पर एक दूसरे के धुर विरोधी विधायक सिरसागंज व पूर्व मंत्री जयवीर सिंह की जुगलबंदी ने हर्षिता सिंह की जीत का रास्ता साफ कर दिया। वहीं जिले की राजनीति में भी एक नई पटकथा लिख दी।
जिला पंचायत सदस्य पद का परिणाम साफ होते ही सपाई खेमा से जीते जिपं सदस्यों की निगहबानी को लेकर सपा नेतृत्व व जिला संगठन बेहद चौकन्ना रहा। समर्थित सदस्यों की निगरानी उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के मामले में भाजपा से दो कदम आगे रहीं। सपा की पूरी किलाबंदी ऐन वक्त पर धरासाई हो गई। आपस में धुर विरोधी रहे पूर्व मंत्री जयवीर सिंह एवं विधायक सिरसागंज हरिओम की जुगलबंदी ने सपाई रणनीति पर भारी पड़ी। परिणाम स्वरूप हर्षिता सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर आसीन करा दिया। दोनों धुर विरोधियों की जुगलबंदी को लेकर सपा नेतृत्व काफी सजग था। यही कारण रहा कि पूर्व सांसद अक्षय यादव एवं एमएलसी दिलीप यादव सपा समर्थित सभी 17 जिपं सदस्यों को अपने साथ कलेक्ट्रेट के गेट तक लेकर आए लेकिन कलेक्ट्रेट परिसर में घटे अप्रत्याशित घटनाक्रम के दौरान सपाई रणनीति चारों खाने चित्त हो गई। भाजपा की हर्षिता सिंह को छह वोटों के अंतर से जीत हासिल हो गई।
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विधायक हरिओम व पूर्वमंत्री जयवीर सिंह से सपा को मिली पटखनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव परिणाम आने के बाद से शुरू हुई सपा की मुहिम अंतिम क्षणों में धराशाई हो गई। राजनीतिक तौर पर एक दूसरे के धुर विरोधी विधायक सिरसागंज व पूर्व मंत्री जयवीर सिंह की जुगलबंदी ने हर्षिता सिंह की जीत का रास्ता साफ कर दिया। वहीं जिले की राजनीति में भी एक नई पटकथा लिख दी।
जिला पंचायत सदस्य पद का परिणाम साफ होते ही सपाई खेमा से जीते जिपं सदस्यों की निगहबानी को लेकर सपा नेतृत्व व जिला संगठन बेहद चौकन्ना रहा। समर्थित सदस्यों की निगरानी उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के मामले में भाजपा से दो कदम आगे रहीं। सपा की पूरी किलाबंदी ऐन वक्त पर धरासाई हो गई। आपस में धुर विरोधी रहे पूर्व मंत्री जयवीर सिंह एवं विधायक सिरसागंज हरिओम की जुगलबंदी ने सपाई रणनीति पर भारी पड़ी। परिणाम स्वरूप हर्षिता सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर आसीन करा दिया। दोनों धुर विरोधियों की जुगलबंदी को लेकर सपा नेतृत्व काफी सजग था। यही कारण रहा कि पूर्व सांसद अक्षय यादव एवं एमएलसी दिलीप यादव सपा समर्थित सभी 17 जिपं सदस्यों को अपने साथ कलेक्ट्रेट के गेट तक लेकर आए लेकिन कलेक्ट्रेट परिसर में घटे अप्रत्याशित घटनाक्रम के दौरान सपाई रणनीति चारों खाने चित्त हो गई। भाजपा की हर्षिता सिंह को छह वोटों के अंतर से जीत हासिल हो गई।
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