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सूरज की तपन से शहर से गांव तक पानी का संकट
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:08 PM IST
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गर्मियों में शहर से लेकर गांव तक पेयजल संकट है
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सूरज की तीखी तपन के साथ शहर से गांव तक पेयजल संकट बढ़ रहा है। हैंडपपों ने तो पानी देना बंद कर दिया है तो वहीं ओवरहेड टैंक सूखे हैं। कहीं नलकूप खराब पड़े हैं तो कहीं बिजली के तार। टीटीएसपी बंद हो जाने के कारण आमजन पानी की तलाश में भटक रहे हैं। प्रशासन सुधार के लाख दावे करें लेकिन शहर से लेकर गांव तक हालात बदतर है...
सूर्यदेव की तीखी तपन के साथ जलस्तर नीचे की ओर खिसकना शुरू हो गया है। ग्रामीण जनता को पीने के पानी मुहैया कराने को यूं तो 35 हजार हैंडपंप, 159 पेयजल टंकियां एवं 753 टीटीएसपी स्थापित हैं। हालांकि गर्मी की शुरुआत के साथ ही इन्होंने भी पानी देना बंद कर दिया। प्रशासन के पिछले दिनों हुए सर्वे पर नजर डालें तो जिले में 34598 हैंडपंपों में 7312 खराब हैं। 5504 हैंडपंप रीबोर युक्त हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 159 टंकी स्थापित हैं। इनमें से 130 ग्राम पंचायतों तथा 29 जलनिगम की ओर से संचालित की जाती हैं। 61 पेयजल टंकियां पूर्ण रूप से बंद हैं। जबकि 33 पेयजल टंकियां आंशिक रूप से पानी उपलब्ध करा रही हैं। इन हालातों में ग्रामीण जनता दूरदराज क्षेत्रों से पानी लाने को विवश है।
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ब्लाक कुल हैंडपंप खराब रीबोरयुक्त
फीरोजाबाद 6239 2028 1373
नारखी 3423 1018 929
टूंडला 4173 1144 844
शिकोहाबाद 3623 795 588
अरांव 3249 441 353
मदनपुर 3598 548 417
एका 4125 310 182
जसराना 2492 160 115
हाथवंत 3673 868 703
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कुल 34598 7312 5504
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टंकियों का ब्लाक वार विवरण
फीरोजाबाद-35, अरांव-12, मदनपुर-11, शिकोहाबाद-नौ, जसराना-पांच,एका-दस, नारखी-18, टूंडला-25 एवं हाथवंत-34।
753 टीटीएसपी में से 533 हैं बंद
तेजी से नीचे गिरते जलस्तर के कारण शासन ने ग्रामीण क्षेत्र में टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट) की स्थापना के लिए धनराशि दी। टीटीएसपी स्थापना के बाद इनको चलाना विभाग खुद भूल गया। यही कारण है जिले में 753 टीटीएसपी में से 533 खराब हैं। फीरोजाबाद में 121 में 88, शिकोहाबाद की 72 में 56, मदनपुर ब्लाक में 68 में 50, अरांव ब्लाक में 13 में आठ, टूंडला ब्लाक में 165 में 140,जसराना में 40 में 30, एका में 56 में से 18,नारखी ब्लाक में 157 में से 110 तथा हाथवंत ब्लाक में 61 में से 43 टीटीएसपी खराब हैं। आखिर ग्रामीण जनता को पानी कहां से मुहैया हो सके।
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शहर में नलकूप छोड़ने लगे पानी, टैंकरों की बढ़ी डिमांड
पेयजल संकट ग्रामीण अंचल के साथ ही शहरी क्षेत्र में भी है। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ बिजली कटौती ने हालातों को और अधिक बदतर बना दिया है। नलकूपों में पानी नीचे चले जाने के कारण परेशानी हो रही है। पानी की टंकियां नहीं भर पा रहीं है। पानी की तलाश में लोग भटकने को मजबूर हैं। शुक्रवार को निगम की ओर से नेहरू नगर, जगदंबा ग्लास कंपाउंड, रामगढ़, उत्तर थाना, ककरऊ गांव एवं गढ़ैया के साथ ही अन्य इलाकों के लिए टैंकरों से पानी की आपूर्ति की। ठारपूठा भीकनपुर पर टैंकरों को भरने के लिए लगा नलकूप शुक्रवार की सुबह खराब हो गया। ऐसे में बंबा चौराहे के निकट लगे नलकूप से टैंकरों को भरवाया गया। यहां पानी काफी कम हो गया।
सूरज की तीखी तपन से हाल-बेहाल
सूरज की तीखी तपन के कारण आमजन का हाल बेहाल है। धूप में तीखापन होने के कारण लोगों का राह चलना तक मुश्किल हो गया है। महिलाएं एवं युवतियां चेहरे को ढंकने के साथ ही छतरी लेकर चलने को विवश हैं। हालात यह हैं कि बाहर निकलने पर गला सूख रहा है। दोपहर के वक्त तक में सन्नाटा रहता है। दुकानदार भी दोपहर के वक्त हाथ पर हाथ रखे नजर आते हैं। पारा बढ़ने के साथ ही बाजार में शीतल पेय पदार्थों की मांग में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।
खराब हैंडपंपों, टीटीएसपी एवं पेयजल टंकियों को ठीक कराने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए हैं। पंचायतों को कहा है कि वे मामूली खामियों को खुद ठीक करा लें, जिससे ग्रामीण जनता को पानी मुहैया हो सके। रीबोर कराने के लिए शासन से धनराशि की मांग की जाएगी।
सर्वेशचंद्र यादव
प्रभारी सीडीओ फीरोजाबाद
सूर्यदेव की तीखी तपन के साथ जलस्तर नीचे की ओर खिसकना शुरू हो गया है। ग्रामीण जनता को पीने के पानी मुहैया कराने को यूं तो 35 हजार हैंडपंप, 159 पेयजल टंकियां एवं 753 टीटीएसपी स्थापित हैं। हालांकि गर्मी की शुरुआत के साथ ही इन्होंने भी पानी देना बंद कर दिया। प्रशासन के पिछले दिनों हुए सर्वे पर नजर डालें तो जिले में 34598 हैंडपंपों में 7312 खराब हैं। 5504 हैंडपंप रीबोर युक्त हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 159 टंकी स्थापित हैं। इनमें से 130 ग्राम पंचायतों तथा 29 जलनिगम की ओर से संचालित की जाती हैं। 61 पेयजल टंकियां पूर्ण रूप से बंद हैं। जबकि 33 पेयजल टंकियां आंशिक रूप से पानी उपलब्ध करा रही हैं। इन हालातों में ग्रामीण जनता दूरदराज क्षेत्रों से पानी लाने को विवश है।
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ब्लाक कुल हैंडपंप खराब रीबोरयुक्त
फीरोजाबाद 6239 2028 1373
नारखी 3423 1018 929
टूंडला 4173 1144 844
शिकोहाबाद 3623 795 588
अरांव 3249 441 353
मदनपुर 3598 548 417
एका 4125 310 182
जसराना 2492 160 115
हाथवंत 3673 868 703
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कुल 34598 7312 5504
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टंकियों का ब्लाक वार विवरण
फीरोजाबाद-35, अरांव-12, मदनपुर-11, शिकोहाबाद-नौ, जसराना-पांच,एका-दस, नारखी-18, टूंडला-25 एवं हाथवंत-34।
753 टीटीएसपी में से 533 हैं बंद
तेजी से नीचे गिरते जलस्तर के कारण शासन ने ग्रामीण क्षेत्र में टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट) की स्थापना के लिए धनराशि दी। टीटीएसपी स्थापना के बाद इनको चलाना विभाग खुद भूल गया। यही कारण है जिले में 753 टीटीएसपी में से 533 खराब हैं। फीरोजाबाद में 121 में 88, शिकोहाबाद की 72 में 56, मदनपुर ब्लाक में 68 में 50, अरांव ब्लाक में 13 में आठ, टूंडला ब्लाक में 165 में 140,जसराना में 40 में 30, एका में 56 में से 18,नारखी ब्लाक में 157 में से 110 तथा हाथवंत ब्लाक में 61 में से 43 टीटीएसपी खराब हैं। आखिर ग्रामीण जनता को पानी कहां से मुहैया हो सके।
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शहर में नलकूप छोड़ने लगे पानी, टैंकरों की बढ़ी डिमांड
पेयजल संकट ग्रामीण अंचल के साथ ही शहरी क्षेत्र में भी है। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ बिजली कटौती ने हालातों को और अधिक बदतर बना दिया है। नलकूपों में पानी नीचे चले जाने के कारण परेशानी हो रही है। पानी की टंकियां नहीं भर पा रहीं है। पानी की तलाश में लोग भटकने को मजबूर हैं। शुक्रवार को निगम की ओर से नेहरू नगर, जगदंबा ग्लास कंपाउंड, रामगढ़, उत्तर थाना, ककरऊ गांव एवं गढ़ैया के साथ ही अन्य इलाकों के लिए टैंकरों से पानी की आपूर्ति की। ठारपूठा भीकनपुर पर टैंकरों को भरने के लिए लगा नलकूप शुक्रवार की सुबह खराब हो गया। ऐसे में बंबा चौराहे के निकट लगे नलकूप से टैंकरों को भरवाया गया। यहां पानी काफी कम हो गया।
सूरज की तीखी तपन से हाल-बेहाल
सूरज की तीखी तपन के कारण आमजन का हाल बेहाल है। धूप में तीखापन होने के कारण लोगों का राह चलना तक मुश्किल हो गया है। महिलाएं एवं युवतियां चेहरे को ढंकने के साथ ही छतरी लेकर चलने को विवश हैं। हालात यह हैं कि बाहर निकलने पर गला सूख रहा है। दोपहर के वक्त तक में सन्नाटा रहता है। दुकानदार भी दोपहर के वक्त हाथ पर हाथ रखे नजर आते हैं। पारा बढ़ने के साथ ही बाजार में शीतल पेय पदार्थों की मांग में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।
खराब हैंडपंपों, टीटीएसपी एवं पेयजल टंकियों को ठीक कराने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए हैं। पंचायतों को कहा है कि वे मामूली खामियों को खुद ठीक करा लें, जिससे ग्रामीण जनता को पानी मुहैया हो सके। रीबोर कराने के लिए शासन से धनराशि की मांग की जाएगी।
सर्वेशचंद्र यादव
प्रभारी सीडीओ फीरोजाबाद