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Firozabad News: एसडीएम, नायब तहसीलदार की जुगलबंदी ने सिस्टम को रौंदा, जनविश्वास को पहुंचाई चोट

Thu, 11 Jul 2024 12:47 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Thu, 11 Jul 2024 12:47 AM IST
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The combination of SDM and Naib Tehsildar trampled the system and hurt public trust.
फिरोजाबाद। सिरसागंज तहसील के गांव रूधैनी के 75 बीघा जमीन के प्रकरण में जो कुछ हुआ, वह आम जनता के विश्वास को तोड़ने वाला साबित हुआ। एसडीएम, नायब तहसीलदार की जुगलबंदी ने जिले के पूरे प्रशासनिक अमले के साथ समूचे सरकारी तंत्र को जनसवालों के कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया।
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गरीब मजलूम व पीड़ित न्याय की आस से उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते हैं। उनकी भावना जान और माल के हिफाजत हासिल करने की होती है। लेकिन सिरसागंज तहसील में गुपचुप रुप से एसडीएम, तहसीलदार की जोड़ी ने पैसे कमाने के लालच में सभी तरह की हदें पार कर गए। पीड़ित वेदेंद्र कुमार शर्मा अपने जमीनी हक को हासिल करने के लिए इन अफसरों की चौखट पर गए थे। लेकिन जमीनीं हक तो मिला नहीं। बल्कि न्याय की कुर्सी पर बैठे जिम्मेदारों ने अपने निजी फायदे के लिए विपक्षी के साथ सांठ गांठ कर मनमाना फैसला सुना दिया।
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इतना ही नहीं जमीन पर बुलडोजर चलाकर फसल को भी नष्ट करा दिया। इसके बाद करोड़ों की जायजाद को अपने रिश्तेदारों के नाम से खुर्दबुर्द करा दिया। लेकिन वेदेंद्र ने इसके बाद भी हार नहीं मानी। अपने हक को पाने के लिए आवाज बुलंद की, और बड़े अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके लिए उसे धमकाया व डराया भी गया। परिणाम सामने हैं जनविश्वास को ठेस पहुंचाने वाले तहसील सिरसागंज के पांचों अफसरों पर शासन का डंडा आखिर पड़ ही गया।
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अफसर तो नपे, भाजपा नेता की हनक भी रह गई धरी
फिरोजाबाद। इस प्रकरण में अफसरों के नपने की पूरी संभावना थी, क्योंकि जिस तरह से अधिकारियों ने फैसला सुनाया, इसके बाद उसी जमीन को अपने सगे रिश्तेदारों व दोस्तों के नाम पर बैनामा करवा लिया। उसी समय तय हो गया था कि यह अफसर किसी भी सूरते हाल में बचेंगे नहीं। लेकिन अफसरों को भाजपा के जिला पंचायत सदस्य का भी अंदरखाने में संरक्षण मिला था। इसके कारण उन्हें उम्मीद थी कि इस गोरखधंधे में वह बच जाएंगे। लेकिन पीड़ित के अटल विश्वास, अधिवक्ताओं का साथ और समाज में हो रही शासन प्रशासन की बदनामी ने ऐसा शिकंजा कसा कि पांचों अफसर शासन की रडार पर आ गए।
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