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Firozabad News: काबू में नहीं आ रहा बुखार, अस्पतालों में भीड़ बरकरार
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फोटो 7 स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को देखते सीएमओ डा. रामबदन राम। स्रोत: विभाग
फिरोजाबाद। मौसम में बदलाव के साथ बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। घरों से लेकर अस्पतालों तक मरीजों की भीड़ बनी हुई है। तेज बुखार, खांसी-जुकाम, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ी है। जिले के 67 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेलों में 1792 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार से पीड़ित मिले।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी व फ्लू ओपीडी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ बनी रही। बुखार के साथ खांसी, जुकाम, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। कई मरीजों को कई दिनों से बुखार बना हुआ है। उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों के बाहर भी भीड़ दिखाई दी। सीएमओ डा. रामबदन राम ने भी आरोग्य मेलों का निरीक्षण किया।
आपातकालीन कक्ष भी फुल
बाह्य रोगी विभाग के साथ अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भी मरीजों की भीड़ रही। तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चिकित्सकों ने गंभीर लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी है।
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एसीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों का किया निरीक्षण
एसीएमओ डॉ. पवन कुमार ने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के उपचार में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
बुखार के साथ सांस फूलने लगे तो बरतें सावधानी
चिकित्सकों के अनुसार तेज बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। स्वाइन फ्लू और सामान्य वायरल बुखार के लक्षण कई बार मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए जांच और चिकित्सक की सलाह के आधार पर ही बीमारी की पुष्टि की जानी चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी व फ्लू ओपीडी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ बनी रही। बुखार के साथ खांसी, जुकाम, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। कई मरीजों को कई दिनों से बुखार बना हुआ है। उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों के बाहर भी भीड़ दिखाई दी। सीएमओ डा. रामबदन राम ने भी आरोग्य मेलों का निरीक्षण किया।
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आपातकालीन कक्ष भी फुल
बाह्य रोगी विभाग के साथ अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भी मरीजों की भीड़ रही। तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चिकित्सकों ने गंभीर लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी है।
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एसीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों का किया निरीक्षण
एसीएमओ डॉ. पवन कुमार ने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के उपचार में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
बुखार के साथ सांस फूलने लगे तो बरतें सावधानी
चिकित्सकों के अनुसार तेज बुखार के साथ खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। स्वाइन फ्लू और सामान्य वायरल बुखार के लक्षण कई बार मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए जांच और चिकित्सक की सलाह के आधार पर ही बीमारी की पुष्टि की जानी चाहिए।