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Firozabad News: पुलिस टीम पर हमले में दोषी को पांच वर्ष का कारावास
Wed, 07 May 2025 11:55 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 07 May 2025 11:55 PM IST
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सांकेतिक
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। आठ साल पहले सिरसागंज में पुलिस टीम पर हमले के मामले में दोषी को पांच वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
मामला सिरसागंज थाने का है। 10 अप्रैल 2017 को एसएसआई सत्येंद्रपाल सिंह हमराहियों के साथ गश्त पर थे। वे अरांव चौराहा एनएच दो पर पहुंचे। तभी एसओजी के सिपाही आ गए। सूचना मिली की सौथरा चौराहे पर कुछ बदमाश लूट की फिराक में मौजूद हैं। मौके पर पहुंच कर पुलिस टीम बताए गए स्थान की तरफ बढ़ी। तभी पुलिस टीम पर फायर किया गया। पुलिस ने एक बदमाश को पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने भागे हुए बदमाशों के बारे में पूछने पर सुनील उर्फ रामकुमार निवासी महबूबपुर करहल, मैनपुरी व अन्य के बारे में बताया था। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश विमल वर्मा की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों के तर्कों एवं साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सुनील उर्फ रामकुमार को दोषी पाया।
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फिरोजाबाद। आठ साल पहले सिरसागंज में पुलिस टीम पर हमले के मामले में दोषी को पांच वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
मामला सिरसागंज थाने का है। 10 अप्रैल 2017 को एसएसआई सत्येंद्रपाल सिंह हमराहियों के साथ गश्त पर थे। वे अरांव चौराहा एनएच दो पर पहुंचे। तभी एसओजी के सिपाही आ गए। सूचना मिली की सौथरा चौराहे पर कुछ बदमाश लूट की फिराक में मौजूद हैं। मौके पर पहुंच कर पुलिस टीम बताए गए स्थान की तरफ बढ़ी। तभी पुलिस टीम पर फायर किया गया। पुलिस ने एक बदमाश को पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने भागे हुए बदमाशों के बारे में पूछने पर सुनील उर्फ रामकुमार निवासी महबूबपुर करहल, मैनपुरी व अन्य के बारे में बताया था। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश विमल वर्मा की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों के तर्कों एवं साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सुनील उर्फ रामकुमार को दोषी पाया।
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