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दो दिन में 500 करोड़ का लेनदेन अटका
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टूंडला में हड़ताल के चलते बंद बैंकें
- फोटो : TUNDLA
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फिरोजाबाद। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को बैंककर्मियों ने सड़क पर मानव शृंखला बनाकर एकता का संदेश दिया। जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की 175 शाखाओं पर ताला लटका रहा। इसका असर व्यापार पर भी पड़ा। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक दो दिन में पांच सौ करोड़ का लेनदेन अटक गया। इधर, एटीएम भी दूसरे दिन जवाब दे गए। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दूसरे दिन भी जिलेभर के सभी बैंककर्मी एसबीआई मुख्य शाखा पर एकत्रित हुए। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। यूपीबीईयू (यूपी बैंक एंपलॉइज एसोसिएशन) के जिला सचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लेती तो बैंककर्मी लंबी हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकिंग बिल संशोधन लाकर बैंकों का निजीकरण करना चाह रही है। इसका हम सभी बैंक कर्मचारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। एसबीआई के क्षेत्रीय सचिव सुधीर जैन ने बताया कि दो दिन की हड़ताल से 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस दौरान दीनबंधु त्रिपाठी, मुकेशबाबू, अवनेश कुमार, धर्मेंद्र, स्मिता वर्मा, वंदना, सरनप्रीत कौर, मनीष यादव, जितेंद्र, केपी सिंह, आरिफ खान, उत्तम कुमार, संय कुमार, भानुप्रताप सिंह, अभय प्रताप, सुरजीत कुमार, छोटेलाल आदि उपस्थित रहे।
एटीएम रहे खाली, उपभोक्ता रहे परेशान
हड़ताल के पहले दिन लोगों ने एटीएम से कैश निकालकर अपनी जरूरतों को पूरा कर लिया। मगर दूसरे दिन बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण एटीएम भी जवाब दे गए। अधिकांश एटीएम में कैश नहीं था। उपभोक्ताओं को धनराशि निकासी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ा। इधर, व्यापारियों पर भी सीधा असर पड़ा। ऑर्डर का पेमेंट न आ पाने के कारण माल भी नहीं निकाला जा सका।
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दूसरे दिन भी जिलेभर के सभी बैंककर्मी एसबीआई मुख्य शाखा पर एकत्रित हुए। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। यूपीबीईयू (यूपी बैंक एंपलॉइज एसोसिएशन) के जिला सचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लेती तो बैंककर्मी लंबी हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकिंग बिल संशोधन लाकर बैंकों का निजीकरण करना चाह रही है। इसका हम सभी बैंक कर्मचारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। एसबीआई के क्षेत्रीय सचिव सुधीर जैन ने बताया कि दो दिन की हड़ताल से 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस दौरान दीनबंधु त्रिपाठी, मुकेशबाबू, अवनेश कुमार, धर्मेंद्र, स्मिता वर्मा, वंदना, सरनप्रीत कौर, मनीष यादव, जितेंद्र, केपी सिंह, आरिफ खान, उत्तम कुमार, संय कुमार, भानुप्रताप सिंह, अभय प्रताप, सुरजीत कुमार, छोटेलाल आदि उपस्थित रहे।
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एटीएम रहे खाली, उपभोक्ता रहे परेशान
हड़ताल के पहले दिन लोगों ने एटीएम से कैश निकालकर अपनी जरूरतों को पूरा कर लिया। मगर दूसरे दिन बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण एटीएम भी जवाब दे गए। अधिकांश एटीएम में कैश नहीं था। उपभोक्ताओं को धनराशि निकासी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ा। इधर, व्यापारियों पर भी सीधा असर पड़ा। ऑर्डर का पेमेंट न आ पाने के कारण माल भी नहीं निकाला जा सका।
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