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होता रहा इंतजार, मनरेगा योजना के लिए नहीं मिला बजट
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होता रहा इंतजार, मनरेगा योजना के लिए नहीं मिला बजट
- वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 16.92 करोड़ का विभाग को करना था भुगतान
- नए वित्तीय वर्ष में धनराशि जुड़ने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। रकम खर्च होने के बाद भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंतिम दिन तक बजट नहीं आ सका। अधिकारी बृहस्पतिवार को देर शाम तक बजट आने का इंतजार करते रहे। अब नए वित्तीय वर्ष में रकम जुड़कर भुगतान मिलेगा।
मनरेगा योजना में जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 94.86 करोड़ 76 हजार रुपये खर्च किया गए थे। अंतिम दिनों में 16.92 करोड़ लाख रुपये का भुगतान लंबित था। इस भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट मिलने की उम्मीद थी।लेकिन यह बजट शासन से आवंटित नहीं हो सका। विभागीय स्टाफ देर शाम तक बजट का इंतजार करता रहा। बजट के अभाव में भुगतान की प्रक्रिया रुक गई। उपायुक्त मनरेगा अजय कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में 94.86 करोड़ रुपये से अधिक के काम कराए गए है। इसमें से 16.92 करोड़ का भुगतान रुक गया था। इसमें अधिकांश धनराशि सामग्री अंश की है। उन्होंने कहा कि बीते वित्तीय वर्ष में भुगतान नहीं हुआ है इसके कारण यह अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 में जुड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नए बजट में शामिल होकर भुगतान हो जाएगा।
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- वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 16.92 करोड़ का विभाग को करना था भुगतान
- नए वित्तीय वर्ष में धनराशि जुड़ने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। रकम खर्च होने के बाद भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंतिम दिन तक बजट नहीं आ सका। अधिकारी बृहस्पतिवार को देर शाम तक बजट आने का इंतजार करते रहे। अब नए वित्तीय वर्ष में रकम जुड़कर भुगतान मिलेगा।
मनरेगा योजना में जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 94.86 करोड़ 76 हजार रुपये खर्च किया गए थे। अंतिम दिनों में 16.92 करोड़ लाख रुपये का भुगतान लंबित था। इस भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट मिलने की उम्मीद थी।लेकिन यह बजट शासन से आवंटित नहीं हो सका। विभागीय स्टाफ देर शाम तक बजट का इंतजार करता रहा। बजट के अभाव में भुगतान की प्रक्रिया रुक गई। उपायुक्त मनरेगा अजय कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में 94.86 करोड़ रुपये से अधिक के काम कराए गए है। इसमें से 16.92 करोड़ का भुगतान रुक गया था। इसमें अधिकांश धनराशि सामग्री अंश की है। उन्होंने कहा कि बीते वित्तीय वर्ष में भुगतान नहीं हुआ है इसके कारण यह अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 में जुड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नए बजट में शामिल होकर भुगतान हो जाएगा।
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