फिरोजाबाद। देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में सुहाग नगरी शामिल है इसके बाद भी प्रदूषण थामने के लिए यहां इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। लापरवाही और अनदेखी का आलम है। हॉट स्पॉट इलाकों में सड़कों पर उड़ने वाली धूल व चौराहों पर लगने वाले जाम की समस्या यथावत है। नगर निगम के आंतरिक व सीमा से सटे इलाकों की सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा। इन इलाकों से गुजरने वाले वाले भारी एवं डीजल चलित वाहनों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। सुहागनगरी में पीएम-2.5 जैैसे हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा अभी भी चिंताजनक स्थिति में बनी हुई है।
टीटीजेड एरिया सुहागनगरी में वायु प्रदूषण के लिहाज से बेहद संवेदनशील इलाकों में कोटला चुंगी, स्टेशन रोड, नगला बरी, जाटवपुरी चौराहा, आसफाबाद, नगला भाऊ, उसायनी एवं राजा का ताल के अलावा थाना रामगढ क्षेत्र शामिल है। उक्त इलाकों में भारी व हल्के वाहनों का अत्याधिक आवागमन व सड़कों पर उड़ने वाली धूल के अति सूक्ष्म कण हवा में घुल उसे प्रदूषित कर रहे हैं। हालांकि इन इलाकों में उड़ने वाली धूल उड़ने, वाहनों की आवाजाही पर रोक के अलावा आंतरिक इलाकों में चौराहों पर लगने वाले जाम की समस्या पर प्रभावी रोक के अलावा टीटीजेड की सीमा में कूड़ा-कचरा जलाने पर रोक संबंधी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश हैं। लेकिन फिर उक्त निर्देश धरातल पर नहीं दिख रहे है। उक्त बिंदुओं पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के कारण सुुहागनगरी की हवा की गुणवत्ता में अपेक्षानुरूप सुधार नहीं हो पा रहा है।