{"_id":"5e1a0f568ebc3e87df02999f","slug":"foster-care-group-firozabad-news-agr42433635","type":"story","status":"publish","title_hn":"निराश्रित बच्चों की देखभाल के लिए तैयार होंगे फोस्टर ग्रुप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निराश्रित बच्चों की देखभाल के लिए तैयार होंगे फोस्टर ग्रुप
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फिरोजाबाद। अभिभावकों द्वारा त्यागे गए अथवा घरेलू हिंसा से प्रताड़ित होकर बेघर बच्चों की देखभाल का जिम्मा फोस्टर केयर ग्रुप उठाएगा। शासन के निर्देश पर जिले के तहसील क्षेत्रों मेें फोस्टर केयर ग्रुप तैयार किए जाएंगे।
घरेलू हिंसा के कारण घर छोड़कर भागे, अभिभावकों द्वारा त्यागे गए, गंभीर बीमारी से ग्रसित बेसहारा एवं लंबे समय से बाल गृह में रह रहे बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भावनात्मक अपनत्व दिलाने के प्रयास होंगे। उन बच्चों की देखभाल भी की जाएगी जिनके माता-पिता आर्थिक कारणों से उनकी उचित देखभाल नहीं कर रह पा रहे हैं। उपरोक्त श्रेणी के बच्चों की देखभाल, पढाई-लिखाई एवं भावनात्मक संरक्षण देने हेतु फोस्टर ग्रुपों की मदद ली जाएगी। गैर संस्थागत वैकल्पिक कार्यक्रम के तहत काम करने वाले फोस्टर ग्रुपों को शासन प्रति बालक एक निश्चित आर्थिक मदद भी देगा।
मापदंड के अनुसार तैयार होंगे ग्रुप
जिला प्रोवेशन अधिकारी डॉ. प्रज्ञाशंकर तिवारी के अनुसार फोस्टर केयर ग्रुप अथवा एकल दंपती के लिए कुछ मापदंड निर्धारित हैं। ग्रुप के सदस्य प्रदेश में दो वर्ष की अवधि से निवासरत हों। सुदृढ़ आर्थिक स्थिति एवं निजी आवासीय भवन उपलब्ध होने की स्थिति में ही किसी ग्रुप को बच्चों की देखभाल का जिम्मा दिया जाएगा।
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घरेलू हिंसा के कारण घर छोड़कर भागे, अभिभावकों द्वारा त्यागे गए, गंभीर बीमारी से ग्रसित बेसहारा एवं लंबे समय से बाल गृह में रह रहे बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भावनात्मक अपनत्व दिलाने के प्रयास होंगे। उन बच्चों की देखभाल भी की जाएगी जिनके माता-पिता आर्थिक कारणों से उनकी उचित देखभाल नहीं कर रह पा रहे हैं। उपरोक्त श्रेणी के बच्चों की देखभाल, पढाई-लिखाई एवं भावनात्मक संरक्षण देने हेतु फोस्टर ग्रुपों की मदद ली जाएगी। गैर संस्थागत वैकल्पिक कार्यक्रम के तहत काम करने वाले फोस्टर ग्रुपों को शासन प्रति बालक एक निश्चित आर्थिक मदद भी देगा।
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मापदंड के अनुसार तैयार होंगे ग्रुप
जिला प्रोवेशन अधिकारी डॉ. प्रज्ञाशंकर तिवारी के अनुसार फोस्टर केयर ग्रुप अथवा एकल दंपती के लिए कुछ मापदंड निर्धारित हैं। ग्रुप के सदस्य प्रदेश में दो वर्ष की अवधि से निवासरत हों। सुदृढ़ आर्थिक स्थिति एवं निजी आवासीय भवन उपलब्ध होने की स्थिति में ही किसी ग्रुप को बच्चों की देखभाल का जिम्मा दिया जाएगा।
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