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Firozabad News: आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे पूर्व पालिकाध्यक्ष
Mon, 15 Jul 2024 11:14 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:14 PM IST
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टूंडला। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व पालिकाध्यक्ष फंस गए हैं। सतर्कता विभाग ने उनके विरुद्ध जांच करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकद्दमा पंजीकृत किया है। शहर के वार्ड नंबर 23, शिवपुरी काॅलोनी निवासी रक्षपाल सिंह राना ने 17 अक्तूबर 2020 में उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त लखनऊ में पूर्व पालिकाध्यक्ष राम बहादुर चक के विरुद्ध निर्वाचन में दिए गए असत्य शपथ पत्र, पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, क्रुप्रशासन एवं आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि नामांकन पत्र में इनके द्वारा सहकारी आवास निर्माण एवं वित्त निगम लिमिटेड से 4,28,470 रुपये ऋण लिया गया था को नहीं दर्शाया था। जबकि बकाए का विवरण एवं तहसील चस्पा, जेल गए थे।
शिकायत में कहा था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर परिवार के पांच नामजद सहित दर्जनों लोगों का भुगतान फर्जी तरीके से पालिका द्वारा कर रहे थे। घर पर तीन कर्मचारी लगा रखे थे। पालिका के पक्ष में जमीन खरीदी गई उसमें भी करोड़ों रुपए अर्जित किए गए। चिप सिस्टर से नलकूप चलाने के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान लिया गया। ठेकेदार द्वारा गाड़ी ली गई। पालिकाध्यक्ष रहते पत्नी रंजना चक के नाम पांच बीघा जमीन खरीदगी गई, जिसमें ठेकेदार द्वारा चेक लगाए गए हैं। पुत्र व पुत्रवधू के नाम मोहम्मदाबाद में प्लाट क्रय किए गए।
पालिकाध्यक्ष ने दो वर्ष रहते हुए करोड़ों रुपये की अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की गई है तथा बैंक व लॉकर में लाखों रुपये व जेवरात जमा कराए गए हैं। शिकायतकर्ता रक्षपाल सिंह राना की शिकायत पर उत्तर प्रदेश शासन सतर्कता अनुभाग-4 लखनऊ के आदेश पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठापन आगरा ने जांच की जिसमें तत्कालीन पालिकाध्यक्ष रामबहादुर चक ने लोकसेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए जांच की गई अवधि में ज्ञात श्रोतों से अर्जित आय के सापेक्ष कई गुना अधिक व्यय किया जाना पाया गया। विभाग की ओर से रामबहादुर चक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
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शिकायत में कहा था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर परिवार के पांच नामजद सहित दर्जनों लोगों का भुगतान फर्जी तरीके से पालिका द्वारा कर रहे थे। घर पर तीन कर्मचारी लगा रखे थे। पालिका के पक्ष में जमीन खरीदी गई उसमें भी करोड़ों रुपए अर्जित किए गए। चिप सिस्टर से नलकूप चलाने के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान लिया गया। ठेकेदार द्वारा गाड़ी ली गई। पालिकाध्यक्ष रहते पत्नी रंजना चक के नाम पांच बीघा जमीन खरीदगी गई, जिसमें ठेकेदार द्वारा चेक लगाए गए हैं। पुत्र व पुत्रवधू के नाम मोहम्मदाबाद में प्लाट क्रय किए गए।
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पालिकाध्यक्ष ने दो वर्ष रहते हुए करोड़ों रुपये की अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की गई है तथा बैंक व लॉकर में लाखों रुपये व जेवरात जमा कराए गए हैं। शिकायतकर्ता रक्षपाल सिंह राना की शिकायत पर उत्तर प्रदेश शासन सतर्कता अनुभाग-4 लखनऊ के आदेश पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठापन आगरा ने जांच की जिसमें तत्कालीन पालिकाध्यक्ष रामबहादुर चक ने लोकसेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए जांच की गई अवधि में ज्ञात श्रोतों से अर्जित आय के सापेक्ष कई गुना अधिक व्यय किया जाना पाया गया। विभाग की ओर से रामबहादुर चक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
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