टूंडला। भारी बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का खासा असर देखने को मिल रहा है। बुधवार को यमुनाजलस्तर करीब ढाई फीट तक बढ़ते हुए कुछ गांवों की दहलीज पर पहुंच गया है। वहीं, यमुना के तेज बहाव में न सिर्फ फसलें अपितु खेतों की मिट्टी भी कटकर बह गई है। बाढ़ की आशंका को लेकर डीएम के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने ठार बल्दी पहुंचकर यमुना बाढ़ का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ चौकियां स्थापित कराते हुए लेखपालों की तैनाती की है। हथनीकुंड बैराज से यमुना में लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। माना जा रहा है, अगले दो दिनों में यह पानी यहां पहुंच जाएगा और तब और भी तबाही मचाएगा। यमुना का बहाव इतना तेज है कि फसलें ही नहीं, बहाव में खेतों की मिट्टी भी कटकर पानी में बह रही है। फसलों की बर्बादी एवं खेतों के खत्म होने से किसानों के आंखों से आंसू बह रहे हैं।
बुधवार दोपहर दो बजे बीडीओ प्रभात रंजन, सीएचसी अधीक्षक डाॅ. सोनू चतुर्वेदी, सिंचाई विभाग के एई उमेश कुमार शर्मा व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सत्येंद्र निगम ने रसूलाबाद क्षेत्र के ठार बल्दी स्थित यमुना घाट पर पहुंचकर बढ़ते जलस्तर की जानकारी ली। बीडीओ ने ग्रामीणों से यमुना से दूर रहने और बच्चों व पशुओं को वहां न आने देने के साथ ही जरूरी कागजात व सामान बैग में रखने की सलाह दी। इसके साथ ही यमुना किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का निर्देश दिया।