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Firozabad News: गर्भवती के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में परिजन का हंगामा
Mon, 07 Jul 2025 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 07 Jul 2025 11:26 PM IST
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अस्पताल में हंगामा करते परिजन।
फिरोजाबाद। सोमवार शाम मेडिकल कॉलेज के सौ शैया अस्पताल में एक गर्भवती महिला के इलाज को लेकर परिजन ने जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। बाद में परिजन महिला को एक निजी अस्पताल ले गए।
शिकोहाबाद के नौशेहरा निवासी गुंजन नौ माह छह दिन की गर्भवती थीं। सोमवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि बाहर से एक जांच कराने के बाद डॉक्टरों ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए शिशु की संभावित दृष्टिहीनता और महिला की जान को खतरा होने की बात कही। जब उनसे सहमति पत्र भरवाने को कहा गया, तो परिजन नाराज हो गए और डॉक्टरों पर सही इलाज न करने और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सभी जांच रिपोर्ट सामान्य थीं। हंगामे की सूचना पर चौकी प्रभारी योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान, कुछ तीमारदार प्रसव कक्ष में घुस गए, जिससे वहां भर्ती अन्य प्रसूताएं भी डर गईं।
सीएमएस ने कहा-महिला और बच्चे की स्थिति परिजन को बताई थी
अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवीन जैन ने बताया कि महिला का प्लेटलेट काउंट कम था और शिशु का वजन सामान्य से अधिक था, जिसके चलते संभावित जटिलताओं की जानकारी परिजनों को दी गई थी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन से पहले सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर परिजन असहमत हो गए। उन्हें आगरा के बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन वे तैयार नहीं हुए और मरीज को ले गए।
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शिकोहाबाद के नौशेहरा निवासी गुंजन नौ माह छह दिन की गर्भवती थीं। सोमवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि बाहर से एक जांच कराने के बाद डॉक्टरों ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए शिशु की संभावित दृष्टिहीनता और महिला की जान को खतरा होने की बात कही। जब उनसे सहमति पत्र भरवाने को कहा गया, तो परिजन नाराज हो गए और डॉक्टरों पर सही इलाज न करने और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सभी जांच रिपोर्ट सामान्य थीं। हंगामे की सूचना पर चौकी प्रभारी योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान, कुछ तीमारदार प्रसव कक्ष में घुस गए, जिससे वहां भर्ती अन्य प्रसूताएं भी डर गईं।
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सीएमएस ने कहा-महिला और बच्चे की स्थिति परिजन को बताई थी
अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवीन जैन ने बताया कि महिला का प्लेटलेट काउंट कम था और शिशु का वजन सामान्य से अधिक था, जिसके चलते संभावित जटिलताओं की जानकारी परिजनों को दी गई थी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन से पहले सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर परिजन असहमत हो गए। उन्हें आगरा के बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन वे तैयार नहीं हुए और मरीज को ले गए।
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