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Firozabad News: जुलाई में स्कूल नहीं पहुंचे डीएम व सीडीओ, अगस्त लक्ष्य में पिछड़े

Sun, 17 Sep 2023 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sun, 17 Sep 2023 11:31 PM IST
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DM and CDO did not reach school in July, lagged behind in August target
फिरोजाबाद। शिक्षकों पर हर लक्ष्य पूरा करने का दबाव रहता है। पूरा न करने पर कार्रवाई तक होती हैं। वहीं, बेहतर शिक्षा की मंशा से स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए शासन ने अफसरों को हर माह लक्ष्य निर्धारित हैं। लेकिन डीएम, सीडीओ जुलाई में किसी भी स्कूल नहीं पहुंचे। यहां तक कि अगस्त माह में भी लक्ष्य से काफी पिछड़ गए हैं। यह खुलासा उप्र के स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद की रिपोर्ट में हुआ है।शासन स्तर से डीएम और सीडीओ को हर माह 5-5 स्कूलों का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में डीएम और सीडीओ लक्ष्य में एक भी स्कूल में नहीं पहुंचे। जबकि अगस्त माह में डीएम ने सिर्फ 60 फीसदी लक्ष्य पूरा किया है, जबकि सीडीओ 40 फीसदी ही लक्ष्य को पूरा कर सकी हैं। वहीं, निरीक्षण के लिए बनाई गई जिला टास्क फोर्स और ब्लाॅक टास्क फोर्स समिति भी लक्ष्य से काफी पिछड़ गई है। जिला समन्वयक एमआईएस, एसएसए भी स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान नहीं दे सके हैं। निरीक्षण करने के लक्ष्य से काफी पिछड़ गए हैं। इसे परिषद के महानिदेशक ने नाराजगी जाहिर की है। साथ ही विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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आलाधिकारियों को भी करने होते हैं निरीक्षण
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए डीएम व सीडीओ के साथ शिक्षा विभाग के अफसरों को हर माह कम से कम 5 स्कूलों का निरीक्षण करना होता है। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त माह में 2530 निरीक्षण करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन 2028 का लक्ष्य पूरा हुआ है। जबकि जुलाई माह में 2115 निरीक्षण हुए हैं।
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गोद लिए विद्यालय निरीक्षण में नहीं होते शामिल

अधिकारी के गोद लिए विद्यालय में किए गए निरीक्षण को औचक निरीक्षण में शामिल नहीं किया जाता है। हर अफसर ने एक-एक स्कूलों को गोद लिया है। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी इन स्कूलों का कायाकल्प नहीं हुआ। कई अफसर तो गोद लिए स्कूलों में देखने तक नहीं गए।
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-कई बार निरीक्षण पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं, लेकिन फीड नहीं हो पाते हैं। महानिदेशक का पत्र शासन से आया है। लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।

आशीष पांडेय, बीएसए
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