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डेंगू-वायरल के बाद सुहागनगरी में डायरिया की दस्तक
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रफ़रोजाबाद ! हिमायूपुर क्षेत्र की गलियों में लीकेज पड़ी लाइन को दिखाते क्षेत्रीय लोग
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। डेंगू और वायरल के बाद अब डायरिया ने शहर के लोगाें की चिंता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां प्रतिदिन डायरिया से ग्रसित 100 से 125 मरीज पहुंच रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में टूटी-फूटी पाइप लाइन, खुले कनेक्शन के कारण दूषित पानी लोगों के कंठ तक पहुंच रहा है। विशेषज्ञ डायरिया के मरीज बढ़ने के कारणों में से एक कारण प्रदूषित जलापूर्ति को मान रहे हैं।
नई आबादी और मलिन बस्तियों में टूटी-फूूटी व जीर्णशीर्ण पाइपलाइनें शहर क लोगों के लिए खतरे का सबब बनती जा रही हैं। डेंगू व वायरल के प्रकोप से जूझ रहे स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग के लिए अब डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी नई चुनौती बन सकती है। इसके संकेत भी मिल रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 50 से 60 डायरिया पीड़ित उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। तीन दिन के आंकडों के अनुुसार, 14 डायरिया पीड़ित गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज नई आबादी और डेंगू-वायरल प्रभावित क्षेत्रों के हैं। शहर के निजी चिकित्सकों और निजी अस्पतालों में भी डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
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खुले-टूटे कनेक्शनों को ठीक करने में लापरवाही
जलकल विभाग के आंकडे़ सच्चाई बयां कर रहे हैं। दस दिन में टूटी-फूटी पेयजल लाइन और खुले कनेक्शनों से जुड़ीं कुल 47 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से कुल 13 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है। उर्दू नगर, साठ फुटा, सुभाष कॉलोनी, तिलक नगर, कोटला मोहल्ला, गढ़ैया और भोजपुरा आदि इलाकों में नाली व सीवर का गंदा पानी पेयजल पाइप लाइन के जरिये लोगों के कंठ तक पहुंच रहा है।
सुुहागनगर सेक्टर-दो, 48 घंटे बाद भी नहीं मिला लीकेज-
सुहागनगर सेक्टर-दो के लोग स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। इस इलाके में पाइप लाइन लीकेज के कारण घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। खास बात है कि दो दिन से निगम के जलकल विभाग के अफसर व कर्मचारी लीकेज को तलाश नहीं कर सके हैं।
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टूटी-फूटी पाइपलाइन और खुले कनेक्शनों को त्वरित गति से सही कराया जा रहा है। सर्विलांस टीमें खुद भी निगरानी में जुटी हैं। स्वच्छ पेयजल सप्लाई से जुड़ीं अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे।
रामबाबू राजपूत महा प्रबंधक जलकल
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गंदगी और अस्वच्छ पानी पीने डायरिया होने का खतरा ज्यादा होता है। अस्पताल की ओपीडी अथवा ट्रॉमा सेंटर में डायरिया के कितने मरीज सामने आये? जानकारी की जाएगी। हालांकि अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं है।
डॉ हंसराज मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एसएन अस्पताल
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नई आबादी और मलिन बस्तियों में टूटी-फूूटी व जीर्णशीर्ण पाइपलाइनें शहर क लोगों के लिए खतरे का सबब बनती जा रही हैं। डेंगू व वायरल के प्रकोप से जूझ रहे स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग के लिए अब डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी नई चुनौती बन सकती है। इसके संकेत भी मिल रहे हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 50 से 60 डायरिया पीड़ित उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। तीन दिन के आंकडों के अनुुसार, 14 डायरिया पीड़ित गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज नई आबादी और डेंगू-वायरल प्रभावित क्षेत्रों के हैं। शहर के निजी चिकित्सकों और निजी अस्पतालों में भी डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
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खुले-टूटे कनेक्शनों को ठीक करने में लापरवाही
जलकल विभाग के आंकडे़ सच्चाई बयां कर रहे हैं। दस दिन में टूटी-फूटी पेयजल लाइन और खुले कनेक्शनों से जुड़ीं कुल 47 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से कुल 13 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है। उर्दू नगर, साठ फुटा, सुभाष कॉलोनी, तिलक नगर, कोटला मोहल्ला, गढ़ैया और भोजपुरा आदि इलाकों में नाली व सीवर का गंदा पानी पेयजल पाइप लाइन के जरिये लोगों के कंठ तक पहुंच रहा है।
सुुहागनगर सेक्टर-दो, 48 घंटे बाद भी नहीं मिला लीकेज-
सुहागनगर सेक्टर-दो के लोग स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। इस इलाके में पाइप लाइन लीकेज के कारण घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। खास बात है कि दो दिन से निगम के जलकल विभाग के अफसर व कर्मचारी लीकेज को तलाश नहीं कर सके हैं।
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टूटी-फूटी पाइपलाइन और खुले कनेक्शनों को त्वरित गति से सही कराया जा रहा है। सर्विलांस टीमें खुद भी निगरानी में जुटी हैं। स्वच्छ पेयजल सप्लाई से जुड़ीं अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे।
रामबाबू राजपूत महा प्रबंधक जलकल
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गंदगी और अस्वच्छ पानी पीने डायरिया होने का खतरा ज्यादा होता है। अस्पताल की ओपीडी अथवा ट्रॉमा सेंटर में डायरिया के कितने मरीज सामने आये? जानकारी की जाएगी। हालांकि अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं है।
डॉ हंसराज मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एसएन अस्पताल