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बरेली एसटीएफ ने पकड़ा 50 हजार का इनामी
Amar ujala
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:22 AM IST
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up police
- फोटो : अमर उजाला
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कैप्टन आलोक हत्याकांड में सात माह से चल रहा था फरार
आरोपी की गिरफ्तारी को मृतक की बहन ने की थी भूख हड़ताल
सात माह से फरार कैप्टन आलोक हत्याकांड के 50 हजार के इनामी और हत्या आरोपी प्रदीप को बरेली एसटीएफ ने शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। बरेली जेल में बंद आरोपी के बयान दर्ज करने खैरगढ़ पुलिस बरेली जाएगी।
मूल रूप से थाना खैरगढ़ थाना क्षेत्र के हुसैनपुर जगे निवासी कैप्टन आलोक की 21 फरवरी को गांव के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी सरिता यादव गांव की बीडीसी सदस्य है। कैप्टन की हत्या के मामले में पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर ललइया, प्रदीप और विजय सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने ललइया को गिरफ्तार कर लिया लेकिन विजय सिंह और प्रदीप को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसको लेकर मृतक की सैन्य कर्मी बहन ममता यादव ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की थी। सपा नेता और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर ममता यादव ने आंदोलन खत्म किया था। इसके बाद पुलिस ने विजय सिंह को सुभाष तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं प्रदीप पुलिस की पकड़ से दूर रहा। इस पर पुलिस ने आरोपी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। प्रदीप पर इनाम घोषित होते ही एसटीएफ उसके पीछे लग गई। शुक्रवार को बरेली एसटीएफ ने प्रदीप को शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर बरेली पुलिस को सौंप दिया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष खैरगढ़ ने बताया कि आरोपी से पूछताछ करने के लिए पुलिस की एक टीम को बरेली भेजा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी।
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आरोपी की गिरफ्तारी को मृतक की बहन ने की थी भूख हड़ताल
सात माह से फरार कैप्टन आलोक हत्याकांड के 50 हजार के इनामी और हत्या आरोपी प्रदीप को बरेली एसटीएफ ने शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। बरेली जेल में बंद आरोपी के बयान दर्ज करने खैरगढ़ पुलिस बरेली जाएगी।
मूल रूप से थाना खैरगढ़ थाना क्षेत्र के हुसैनपुर जगे निवासी कैप्टन आलोक की 21 फरवरी को गांव के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी सरिता यादव गांव की बीडीसी सदस्य है। कैप्टन की हत्या के मामले में पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर ललइया, प्रदीप और विजय सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने ललइया को गिरफ्तार कर लिया लेकिन विजय सिंह और प्रदीप को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसको लेकर मृतक की सैन्य कर्मी बहन ममता यादव ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की थी। सपा नेता और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर ममता यादव ने आंदोलन खत्म किया था। इसके बाद पुलिस ने विजय सिंह को सुभाष तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं प्रदीप पुलिस की पकड़ से दूर रहा। इस पर पुलिस ने आरोपी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। प्रदीप पर इनाम घोषित होते ही एसटीएफ उसके पीछे लग गई। शुक्रवार को बरेली एसटीएफ ने प्रदीप को शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर बरेली पुलिस को सौंप दिया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष खैरगढ़ ने बताया कि आरोपी से पूछताछ करने के लिए पुलिस की एक टीम को बरेली भेजा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी।
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