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अद्भुत, लेकिन सच: स्थाई निर्माण दूसरे स्थान पर हो रहे शिफ्ट
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चौडगरा। अब मंदिर, मकान जैसे स्थाई पक्के निर्माण भी बिना तोड़े दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो रहे हैं। यह अद्भुत काम कुरुक्षेत्र की एमएस हाउस लिफ्टिंग सर्विस कंपनी कर रही है। हाईवे निर्माण की जद में आ रहे प्रतापेश्वर मंदिर को बिना कोई क्षति पहुंचाए 11 फीट पीछे खिसकाया जा चुका है। अभी इसे 21 फीट पीछे और किया जाएगा। कुछ मकानों को भी कंपनी ने शिफ्ट किया है।
इन दिनों मुरादीपुर में प्रतापेश्वर मंदिर को हाईवे की सीमा से 32 फीट पीछे हटाने का काम चल रहा है। सिक्सलेन हाईवे की जद में मुरादीपुर, मौहार, चौडगरा क्षेत्र में कई इमारतें आ रही हैं। अधिकांश मकान तोड़कर मलबा में परिवर्तित कर दिए गए हैं। प्रभावित लोगों के लिए हरियाणा कुरुक्षेत्र की एक कंपनी आशा की नई किरण लेकर आई है। चौडगरा में शंकर सिंह गौतम निवासी मौहार और जनक सिंह
निवासी चौडगरा के मकान पीछे खिसकाए जा चुके हैं। अमृत ताजा कंपनी परिसर में बना मंदिर पीछे हटाया जा चुका है। हरियाणा कुरुक्षेत्र की यह कंपनी क्षेत्र में इमारतों को बिना नुकसान पहुंचाए पीछे करने का काम कर रही है। यह कंपनी मुरादीपुर चौराहा स्थित प्रतापेश्वर महादेव मंदिर को 11 फीट पीछे हटा चुकी है। मंदिर को कुल 32 फीट पीछे हटाने के लिए मंदिर स्वामी से सात लाख में सौदा हुआ है।
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कंपनी मैनेजर रवि महला ने बताया कि इमारत के नीचे खुदाई करके मैनुअल जैक लगाए जाते हैं। इसके बाद रेलवे ट्रैक बनाकर इमारत धीरे-धीरे खिसकाई जाती है। इस काम में समय बहुत लगता है। क्षेत्र में कंपनी के 12 इंजीनियर यह काम कर रहे हैं। मंदिर चार मंजिला है। मंदिर मालिक रामप्रताप यादव ने बताया कि यह मंदिर बुजुर्गों की याद में 12 लाख की लागत से बनवाया था। खुद ही मंदिर की देखरेख करते हैं। मंदिर टूटा हुआ देखना कठिन है। इसीलिए सात लाख खर्च कर मंदिर 32 फीट पीछे खिसकाकर स्थापित कराया जा रहा है।
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इन दिनों मुरादीपुर में प्रतापेश्वर मंदिर को हाईवे की सीमा से 32 फीट पीछे हटाने का काम चल रहा है। सिक्सलेन हाईवे की जद में मुरादीपुर, मौहार, चौडगरा क्षेत्र में कई इमारतें आ रही हैं। अधिकांश मकान तोड़कर मलबा में परिवर्तित कर दिए गए हैं। प्रभावित लोगों के लिए हरियाणा कुरुक्षेत्र की एक कंपनी आशा की नई किरण लेकर आई है। चौडगरा में शंकर सिंह गौतम निवासी मौहार और जनक सिंह
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निवासी चौडगरा के मकान पीछे खिसकाए जा चुके हैं। अमृत ताजा कंपनी परिसर में बना मंदिर पीछे हटाया जा चुका है। हरियाणा कुरुक्षेत्र की यह कंपनी क्षेत्र में इमारतों को बिना नुकसान पहुंचाए पीछे करने का काम कर रही है। यह कंपनी मुरादीपुर चौराहा स्थित प्रतापेश्वर महादेव मंदिर को 11 फीट पीछे हटा चुकी है। मंदिर को कुल 32 फीट पीछे हटाने के लिए मंदिर स्वामी से सात लाख में सौदा हुआ है।
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कंपनी मैनेजर रवि महला ने बताया कि इमारत के नीचे खुदाई करके मैनुअल जैक लगाए जाते हैं। इसके बाद रेलवे ट्रैक बनाकर इमारत धीरे-धीरे खिसकाई जाती है। इस काम में समय बहुत लगता है। क्षेत्र में कंपनी के 12 इंजीनियर यह काम कर रहे हैं। मंदिर चार मंजिला है। मंदिर मालिक रामप्रताप यादव ने बताया कि यह मंदिर बुजुर्गों की याद में 12 लाख की लागत से बनवाया था। खुद ही मंदिर की देखरेख करते हैं। मंदिर टूटा हुआ देखना कठिन है। इसीलिए सात लाख खर्च कर मंदिर 32 फीट पीछे खिसकाकर स्थापित कराया जा रहा है।