{"_id":"58ca0ec60e7254c1a21c0e71401ce05e","slug":"where-is-the-statue-of-dadua-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहां गई दस्यु ददुआ की मूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहां गई दस्यु ददुआ की मूर्ति
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
नरसिंहपुर कबरहा के शिवहरे हनुमान मंदिर में आई चार
विज्ञापन
मूर्तियों में दो कहां गईं? कहा जा रहा है कि इनमें एक दस्यु ददुआ की और
दूसरी उसकी पत्नी की है। इसे मंदिर परिसर में ही किसी तहखाने में रखा गया
है। कहा तो यह भी जा रहा है कि मंदिर लॉबी में जहां रातोंरात ददुआ के पिता
और मां की मूर्ति लग गई, वहीं दूसरी दिशा में इसके लिए भी फाउंडेशन तैयार
हो गया है। बस इंतजार उपयुक्त समय का है।
बता दें कि पूर्व सांसद बालकुमार पटेल और उनका परिवार नरसिंहपुर कबरहा में अपने भाई के हाथों बनवाए गए शिवहरे रामजानकी लक्ष्मण हनुमान मंदिर को भव्य रूप देना चाह रहा है। इसी की अगुवाई में पूर्व सांसद ने अपनी राजनीतिक भूमि भी तलाश ली है। बिरादरी बाहुल्य इस जिले में धाता का यह इलाका काफी अहम माना जाता है।
यहां चार फरवरी से नौ दिवसीय भव्य रामकथा का आयोजन चल रहा है। इसका समापन 12 फरवरी और भंडारा 14 को होगा। माना जा रहा है कि 13 की रात मंदिर में हजारों लोगों का जमावड़ा लग जाएगा। चर्चा यह है कि इसी बीच किसी समय मंदिर के बने फाउंडेशन या आसपास ददुआ की मूर्ति भी स्थापित कर दी जाएगी।
हालांकि कबरहा में प्रवचन सुनने आने वाले और मंदिर देखने की आस में पहुंचे लोगों की निगाहें दस्यु ददुआ की मूर्ति को बरबस ही तलाशने लगती हैं। हर शख्स यह जानना चाहता है कि आखिर दस्यु ददुआ देखने में कैसा था। मंदिर में मूर्ति लग भी पाएगी या नहीं। लगेगी तो कैसे लगेगी? कहीं यह भी रातोंरात माता-पिता की तरह तो नहीं स्थापित कर दी जाएगी।
दूसरी तरफ माता-पिता की मूर्ति को रातोंरात लगवाने के बाद दूसरे दिन की प्रतिक्रिया सकारात्मक देख परिवार व आयोजक दोनों उत्साहित हैं। इलाके में यह चर्चा है कि जब जयपुर से लोगों ने चार मूर्तियों को वाहन से उतारकर रखते देखा था तो दो मूर्तियां कहां गईं। माता-पिता की दो मूर्तियां लगने के बाद यह सवाल और उठ रहा है।
पूर्व सांसद बाल कुमार या आयोजन से जुड़ा कोई भी शख्स इस मुद्दे पर कुछ भी स्पष्ट कहने से कतरा रहा है। पूर्व सांसद बालकुमार पटेल बोले कि भाई रामकथा चल रही है। इस पर ध्यान दीजिए। जनता की इच्छा के मुताबिक ही काम हो रहा है। समय आने दीजिए, सब कुछ अपने समय पर ही होता है। इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं कहना।
एसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि कबरहा मंदिर को लेकर पुलिस सतर्कता बनाए है। किसी तरह से कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं पाएगी। पुलिस का हस्तक्षेप लॉ एंड आर्डर बिगड़ने पर होता है। ददुआ की मूर्ति लगाई जाए या फिर नहीं इसमें वह ज्यादा कुछ नहीं हस्तक्षेप कर सकते। अगर किसी तरह की तहरीर या शिकायत आती है तो संबंधित विभाग से मिलकर जांच व कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पूर्व सांसद बालकुमार पटेल और उनका परिवार नरसिंहपुर कबरहा में अपने भाई के हाथों बनवाए गए शिवहरे रामजानकी लक्ष्मण हनुमान मंदिर को भव्य रूप देना चाह रहा है। इसी की अगुवाई में पूर्व सांसद ने अपनी राजनीतिक भूमि भी तलाश ली है। बिरादरी बाहुल्य इस जिले में धाता का यह इलाका काफी अहम माना जाता है।
यहां चार फरवरी से नौ दिवसीय भव्य रामकथा का आयोजन चल रहा है। इसका समापन 12 फरवरी और भंडारा 14 को होगा। माना जा रहा है कि 13 की रात मंदिर में हजारों लोगों का जमावड़ा लग जाएगा। चर्चा यह है कि इसी बीच किसी समय मंदिर के बने फाउंडेशन या आसपास ददुआ की मूर्ति भी स्थापित कर दी जाएगी।
हालांकि कबरहा में प्रवचन सुनने आने वाले और मंदिर देखने की आस में पहुंचे लोगों की निगाहें दस्यु ददुआ की मूर्ति को बरबस ही तलाशने लगती हैं। हर शख्स यह जानना चाहता है कि आखिर दस्यु ददुआ देखने में कैसा था। मंदिर में मूर्ति लग भी पाएगी या नहीं। लगेगी तो कैसे लगेगी? कहीं यह भी रातोंरात माता-पिता की तरह तो नहीं स्थापित कर दी जाएगी।
दूसरी तरफ माता-पिता की मूर्ति को रातोंरात लगवाने के बाद दूसरे दिन की प्रतिक्रिया सकारात्मक देख परिवार व आयोजक दोनों उत्साहित हैं। इलाके में यह चर्चा है कि जब जयपुर से लोगों ने चार मूर्तियों को वाहन से उतारकर रखते देखा था तो दो मूर्तियां कहां गईं। माता-पिता की दो मूर्तियां लगने के बाद यह सवाल और उठ रहा है।
पूर्व सांसद बाल कुमार या आयोजन से जुड़ा कोई भी शख्स इस मुद्दे पर कुछ भी स्पष्ट कहने से कतरा रहा है। पूर्व सांसद बालकुमार पटेल बोले कि भाई रामकथा चल रही है। इस पर ध्यान दीजिए। जनता की इच्छा के मुताबिक ही काम हो रहा है। समय आने दीजिए, सब कुछ अपने समय पर ही होता है। इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं कहना।
एसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि कबरहा मंदिर को लेकर पुलिस सतर्कता बनाए है। किसी तरह से कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं पाएगी। पुलिस का हस्तक्षेप लॉ एंड आर्डर बिगड़ने पर होता है। ददुआ की मूर्ति लगाई जाए या फिर नहीं इसमें वह ज्यादा कुछ नहीं हस्तक्षेप कर सकते। अगर किसी तरह की तहरीर या शिकायत आती है तो संबंधित विभाग से मिलकर जांच व कार्रवाई की जाएगी।