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दीवार ढही, मलबे में दबकर दंपति की जान गई

Mon, 16 Mar 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर Updated Mon, 16 Mar 2015 12:52 AM IST
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wall of clay house demolished, couple smotherd under debris, dead

आंधी-बारिश मौत बनकर टूटी। कोतवाली क्षेत्र के गांव सुमेरपुर में तेज आंधी के साथ हुई बारिश में कच्चे घर के छप्पर के नीचे सो रहे दंपति की दीवार गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई।

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शनिवार रात करीब साढ़े बारह बजे दीवार गिरने से हुई घटना से ग्रामीण मौके पर पहुंचे। और मलबे मे दबे दंपत्ति को निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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शनिवार की रात गांव सुमेरपुर निवासी 54 वर्षीय राम बाबू राजपूत पुत्र शिवराम अपनी पत्नी 51 वर्षीय कुसुमा के साथ घर के बाहर सहन मे अलग अलग चारपाई पर सो रहे थे।
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देर रात जब बूंदा बांदी शुरू हुई तो दोनाें दरवाजे के पास छप्पर के नीचे चारपाई डालकर सो  गए। रात को तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश में उसकी दीवार गिर गई।

जोरदार हुई आवाज  से उसके परिजन व ग्रामीण एकत्र हो गए और मलबे में दबे पति पत्नी को निकालना शुरू किया लेकिन तब तक वह लोग दम तोड़ चुके थे।

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार सुनील पटेल, कोतवाल आरएस सोनकर ने दोनाें शवों का पंचनामा भराकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

इंसेट
मृतक आश्रितों को मिलेगा डेढ़-डेढ़ लाख- एसडीएम
 बिंदकी। कोतवाली क्षेत्र के गांव सुमेरपुर में दीवार गिरने से हुई दंपत्ति की मौत पर एसडीएम शिव प्रसाद ने कहा कि नायब तहसीलदार व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के चौबीस घंटे के अंदर मृतक आश्रितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की चेक उपलब्ध करा दी जाएगी।

इनसेट
नि:संतान थे मृतक दंपति का कौन बनेगा वारिस
 बिंदकी। गांव सुमेरपुर में दीवार गिरने के मलबे में दबकर काल के गाल में समाने वाले नि:संतान मृतक दंपत्ति का कौन होगा असली आश्रित? यह सवाल ग्रामीणों की जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


मृतक रामबाबू बिंदकी के कल्लू आटो पार्टस में विगत तीन दशक से नौकरी करता था, उसके कोई आल औलाद नहीं थी। दस बिसवा भूमि व नौकरी से मिलने वाली मामूली पगार से पति पत्नी जीवन यापन कर रहे थे। माता पिता की मृत्यु के बाद उसके भाई हरीबाबू, राकेश का बंटवारा हो चुका था।

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