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Fatehpur News: हादसे के बाद पसरा सन्नाटा, बिखरा पड़ा सामान

Sat, 30 May 2026 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 11:39 PM IST
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There was silence after the accident, goods were scattered
फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद
- बेतवा नदी पर पुल निर्माण स्थल पर दूसरे दिन लगा रहा मलबे का ढेर
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- मशीनों के चालक और स्टाफ पहुंचे लेकिन चेहरे नजर आए गमगीन

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के अगले दिन शनिवार को घटनास्थल पर सन्नाटा पसरा रहा। जहां एक दिन पहले मशीनों की आवाज, मजदूरों की चहल-पहल और निर्माण कार्य की भागदौड़ दिखाई देती थी वहां अब खामोशी और मातम का माहौल नजर आया। हादसे के बाद काम पूरी तरह बंद रहा। पुल निर्माण में लगी मशीनें मलबे में दबी नजर आईं तो कुछ किनारे खड़ी रहीं। मजदूरों और कर्मचारियों का बिखरा सामान हादसे की भयावहता बयां करता रहा।
दूसरे दिन शनिवार को नदी में मछुआरे जरूर नजर आए लेकिन निर्माण स्थल पर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह के वक्त निर्माण में लगे मशीन चालकों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की मौजूदगी जरूर दिखी लेकिन उनके चेहरे पर साथियों को खोने का दुख साफ दिख रहा था। अधिकतर लोग चुपचाप एक किनारे बैठकर हादसे की चर्चा करते रहे।
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घटनास्थल पर मजदूरों के पीने के पानी के घड़े औंधे पड़े थे जिनमें पानी नहीं था। पास में ही जगह-जगह मजदूरों के हेलमेट, जूते, कपड़े, रस्सियां और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी रहीं। पुल के टूटे हिस्से का मलबा जस का तस पड़ा दिखा। मुड़ी हुई लोहे की सरियों को देखकर हर कोई सहम जा रहा था। वेल्डिंग के लिए रखा बड़ा गैस सिलिंडर और पास में घरेलू गैस सिलिंडर भी पड़ा मिला।
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वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुल के आसपास आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। नदी के बीच बने पुल के दोनों ओर गड्ढे खोद दिए गए हैं। इससे कोई दोपहिया वाहन वहां से न निकल सके। गांवों और आसपास के क्षेत्रों में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

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मजूदरों में दिखी दशहत, काम पर उठाए सवाल
हादसे के बाद मजदूरों में दहशत का माहौल है। मौके पर मौजूद रफीक ने कहा कि वह बकरीद की वजह से छुट्टी पर था अगर ड्यूटी पर होता तो हादसे का शिकार हो सकता था। उसने बताया कि आंधी के दौरान पुल पर काम कराना बेहद जोखिम भरा था लेकिन काम बंद नहीं कराया गया। ऐसे में ठेकेदार को काम रोक देना चाहिए था। इससे छह परिवारों की खुशियां न छिनतीं। निष्पक्ष जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

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पायजामा कुर्ता में ही होती थी गार्ड की ड्यूटी

बेतवा नदी पुल हादसे में जिम्मेदारों की लापरवाही अब उजागर होने लगी है। सुरक्षा गार्ड अवध पाल ने बताया कि वह यहां ड्यूटी करते हैं और घटना के समय भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ड्रेस पहनना अनिवार्य नहीं था और वह कुर्ता-पायजामा पहनकर ही ड्यूटी करते थे। आरोप था कि वहां पर जबरन काम कराया जाता था और चेतावनी के बावजूद जिम्मेदारों ने काम बंद नहीं कराया। काम की जल्दबाजी ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं।

फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद

फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद

फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद

फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद

फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद

फोटो 30 एचएएमपी 17- घटना स्थल पर पड़े खाली घड़े। संवाद

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