{"_id":"64f4d8f9aa4f24cd080cecb4","slug":"the-only-government-library-in-the-district-will-be-equipped-with-facilities-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-3181-2023-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: संसाधनों से लैस होगा जिले का इकलौता राजकीय पुस्तकालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: संसाधनों से लैस होगा जिले का इकलौता राजकीय पुस्तकालय
विज्ञापन
फतेहपुर। जिले का एकमात्र राजकीय पुस्तकालय संशाधनों से लैस होगा। फर्नीचर की कमी से जूझ रहे पुस्तकालय में 100 कुर्सी, आठ बड़ी मेज, एक इन्वर्टर और सीसीटीवी कैमरे लगाने का स्टीमेट जिलाधिकारी ने तैयार कराया है। जल्द राजकीय पुस्तकालय में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं के बैठने की सुविधा होगी।
राजकीय पुस्तकालय में 60 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह हैं। पुस्तकालय में 375 सदस्य हैं, लेकिन इनके बैठने की व्यवस्था तक यहां नहीं है। इस कारण छात्र या तो किताबें घर ले जाते हैं या फिर निजी लाइब्रेरी की मदद लेते हैं। निजी लाइब्रेरी में सिर्फ पढ़ने की सुविधा देकर प्रति चार घंटे का शुल्क चार से पांच सौ रुपये वसूला जा रहा है। चार अगस्त को अमर उजाला ने लाइब्रेरी की अव्यवस्थाओं पर खबर प्रकाशित की।
खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम श्रुति ने 10 कुर्सी, आठ बड़ी मेज, एक इन्वर्टर, पूरे पुस्तकालय में सीसीटीवी लगाने का स्टीमेट तैयार कराया। जल्द पुस्तकालय में सौ से अधिक तैयारी करने वाले छात्रों के बैठकर पढ़ाई करने की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि दो मंजिला पुस्तकालय भवन में एक साथ 500 छात्रों के बैठने के लिए हाल बने हैं, लेकिन अभी तक फर्नीचर सिर्फ 40 छात्रों के लिए उपलब्ध हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक यहां बैठकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में जो युवा पहले आता है, उसी का कब्जा हो जाता है। बाद में आने वाले युवा भटकते हैं। कार्यवाहक लाइब्रेरियन एवं जीआईसी प्रवक्ता अनिल कुमार यादव ने बताया कि डीएम ने 100 कुर्सी, आठ बड़ी मेज, इन्वर्टर, सीसीटीवी कैमरे लगाने का स्टीमेट तैयार कराया गया है। जल्द यह सामान पुस्तकालय को मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय पुस्तकालय में 60 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह हैं। पुस्तकालय में 375 सदस्य हैं, लेकिन इनके बैठने की व्यवस्था तक यहां नहीं है। इस कारण छात्र या तो किताबें घर ले जाते हैं या फिर निजी लाइब्रेरी की मदद लेते हैं। निजी लाइब्रेरी में सिर्फ पढ़ने की सुविधा देकर प्रति चार घंटे का शुल्क चार से पांच सौ रुपये वसूला जा रहा है। चार अगस्त को अमर उजाला ने लाइब्रेरी की अव्यवस्थाओं पर खबर प्रकाशित की।
विज्ञापन
खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम श्रुति ने 10 कुर्सी, आठ बड़ी मेज, एक इन्वर्टर, पूरे पुस्तकालय में सीसीटीवी लगाने का स्टीमेट तैयार कराया। जल्द पुस्तकालय में सौ से अधिक तैयारी करने वाले छात्रों के बैठकर पढ़ाई करने की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि दो मंजिला पुस्तकालय भवन में एक साथ 500 छात्रों के बैठने के लिए हाल बने हैं, लेकिन अभी तक फर्नीचर सिर्फ 40 छात्रों के लिए उपलब्ध हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक यहां बैठकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में जो युवा पहले आता है, उसी का कब्जा हो जाता है। बाद में आने वाले युवा भटकते हैं। कार्यवाहक लाइब्रेरियन एवं जीआईसी प्रवक्ता अनिल कुमार यादव ने बताया कि डीएम ने 100 कुर्सी, आठ बड़ी मेज, इन्वर्टर, सीसीटीवी कैमरे लगाने का स्टीमेट तैयार कराया गया है। जल्द यह सामान पुस्तकालय को मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन