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भूकंप की दहशत में स्कूल नहीं भेजे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2015 12:35 AM IST
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भूकंप की दहशत की दहशत अभी भी लोगों के जेहन में तारी है। दो दिन अवकाश के बाद बुधवार को खुले स्कूलों में बच्चों की संख्या औसतन कम रही। तमाम अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से पीछे हट गए।
गौरतलब है कि शनिवार की दोहपर भूकंप आने के बाद शासन ने आनन फानन शिक्षण संस्थान बंद कराने के निर्देश जारी किए थे। रविवार को फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने के बाद शासन ने सोमवार व मंगलवार तक के लिए स्कूल/कालेज बंद करने के आदेश दिए थे। भूकंप के खौफ के साए में दो दिन घरों में बच्चों की निगहबानी करने वाले तमाम अभिभावकों ने भूकंप की आशंका के चलते बुधवार को दरवाजे आईं स्कूली वैन व रिक्शों को लौटा दिया। जिससे बच्चों से भरी रहने वाले स्कूली वाहनों की सीटें नहीं भर सकीं। कमोबेश यही स्थिति क्लासरूम की रही। सादीपुर चौराहा निवासी संतोष कुमार कहते हैं कि भूकंप के डर से बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है। एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान के सलाहकार राजीव कुमार ने बताया कि भूकंप के चलते बुधवार को विद्यार्थियाें की संख्या में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अभिभावक अभी भी शायद डरे हुए हैं। भूकंप से जान गवां चुके लोगों की आत्मा की शांती के लिए युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने शाम को हाथों में मोमबत्ती लेकर गांधी चौराहे से ललौली चौराहा, मुगल रोड, तहसील रोड, फाटक बाजार होते हुए भ्रमण किया। इस दौरान ओम जी, प्रशांत, सभासद रामजी गुप्ता, रिंकू तिवारी, अमित शुक्ला, मधुराज, रोहित, प्रभात आदि रहे। इन लोगों ने बताया कि आर्थिक मदद के लिए चंदा एकत्र किया जाएगा।
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गौरतलब है कि शनिवार की दोहपर भूकंप आने के बाद शासन ने आनन फानन शिक्षण संस्थान बंद कराने के निर्देश जारी किए थे। रविवार को फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने के बाद शासन ने सोमवार व मंगलवार तक के लिए स्कूल/कालेज बंद करने के आदेश दिए थे। भूकंप के खौफ के साए में दो दिन घरों में बच्चों की निगहबानी करने वाले तमाम अभिभावकों ने भूकंप की आशंका के चलते बुधवार को दरवाजे आईं स्कूली वैन व रिक्शों को लौटा दिया। जिससे बच्चों से भरी रहने वाले स्कूली वाहनों की सीटें नहीं भर सकीं। कमोबेश यही स्थिति क्लासरूम की रही। सादीपुर चौराहा निवासी संतोष कुमार कहते हैं कि भूकंप के डर से बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है। एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान के सलाहकार राजीव कुमार ने बताया कि भूकंप के चलते बुधवार को विद्यार्थियाें की संख्या में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अभिभावक अभी भी शायद डरे हुए हैं। भूकंप से जान गवां चुके लोगों की आत्मा की शांती के लिए युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने शाम को हाथों में मोमबत्ती लेकर गांधी चौराहे से ललौली चौराहा, मुगल रोड, तहसील रोड, फाटक बाजार होते हुए भ्रमण किया। इस दौरान ओम जी, प्रशांत, सभासद रामजी गुप्ता, रिंकू तिवारी, अमित शुक्ला, मधुराज, रोहित, प्रभात आदि रहे। इन लोगों ने बताया कि आर्थिक मदद के लिए चंदा एकत्र किया जाएगा।
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