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Fatehpur News: साधक अनहद नाद के, गायक परम प्रवीण...
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फोटो-12-मुराइनटोला हनुमान मंदिर में कविता पाठ करते कवि। स्रोत आयोजक
फतेहपुर। शैलेंद्र साहित्य सरोवर की शहर के मुराइनटोला स्थित हनुमान मंदिर में रविवार को काव्य गोष्ठी हुई। इसमें कवि डॉ. शिव सागर साहू ने पढ़ा, साधक अनहद नाद के, गायक परम प्रवीण। छन्नू लालजी हो गए, पंचतत्व में लीन।
गोष्ठी का शुभारंभ कवि केपी सिंह कछवाह ने किया। उन्होंने पढ़ा, ज्ञान देवी मां सरस्वती, नमन करो स्वीकार। कविता में रस छंद भर, स्वप्न करो साकार। प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा, युगों से धरती पर, ज्ञानी-विज्ञानी जन्म लिए। वाल्मीकि सा हुआ न कोई, जिसका प्रभु गुणगान किए।
डाॅ. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा, पति-पत्नी ही चक्र हैं, जीवन-रथ के दोय। दोउन के सहयोग बिन, जीवन दूभर होय। शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा, जान ओ दिल तुम पर फिदा कर जाएंगे। लुट गए अब, किस कदर घर जाएंगे। तीर-तलवारें करेंगी क्या सनम, हम तुम्हारी चाह में मर जाएंगे।
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गोष्ठी का शुभारंभ कवि केपी सिंह कछवाह ने किया। उन्होंने पढ़ा, ज्ञान देवी मां सरस्वती, नमन करो स्वीकार। कविता में रस छंद भर, स्वप्न करो साकार। प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा, युगों से धरती पर, ज्ञानी-विज्ञानी जन्म लिए। वाल्मीकि सा हुआ न कोई, जिसका प्रभु गुणगान किए।
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डाॅ. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा, पति-पत्नी ही चक्र हैं, जीवन-रथ के दोय। दोउन के सहयोग बिन, जीवन दूभर होय। शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा, जान ओ दिल तुम पर फिदा कर जाएंगे। लुट गए अब, किस कदर घर जाएंगे। तीर-तलवारें करेंगी क्या सनम, हम तुम्हारी चाह में मर जाएंगे।
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