फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Rural P. Zahrila Water

Fatehpur News: ग्रामीण पी रहे जहरीला पानी

Tue, 08 Jul 2025 12:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jul 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
Rural P. Zahrila Water
औंग(फतेहपुर)। जाजमऊ की टेनरियों और औंग क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकला जहरीला रासायनिक कचरा अब ब्लॉक मलवां के गांवों में तबाही मचा रहा है। क्षेत्र के गोधरौली, आशापुर, अभयपुर और बनियनखेड़ा गांवों में एनजीटी के आदेश पर पानी के सैंपल लिए गए। जांच में पानी में क्रोमियम व पारा जैसी भारी धातुएं मात्रा से कई गुना अधिक पाई गई। यह गांव के लोगों के लिए खतरनाक व जानलेवा है। गांवों में जहर युक्त पानी पीने से लीवर, किडनी, आंखों में जलन व शरीर में छाले जैसी गंभीर बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं।
विज्ञापन

ब्लॉक मलवां के औंग क्षेत्र के कई गांव पेयजलसंकट से जूझ रहे हैं। जाजमऊ की टेनरियों व औंग क्षेत्र के आसपास के फैक्ट्रियों से निकला रासायनिक कचरा अब केवल कानपुर नगर व देहात तक नहीं, बल्कि क्षेत्र के गोधरौली, आशापुर, अभयपुर व बनियनखेड़ा के ग्रामीणों के शरीरों में घुल गया है।
विज्ञापन

क्षेत्र के इन गांवों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर 49 ग्रामीणों के खून के नमूने लिए गए। इनमें 47 में क्रोमियम व तीन में पारा की मात्रा मानक से कई गुना अधिक मिली। विशेषज्ञों ने बताया कि क्रोमियम की सुरक्षित सीमा 1.4 माइक्रोग्राम प्रतिलीटर व पारा की 20 माइक्रोग्राम प्रति लीटर है, जबकि यहां इससे कहीं ज्यादा है। गोधरौली के अनूप कुमार व सोनू कुमार को लीवर, किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया। डॉक्टरों ने इसका कारण दूषित पानी बताया है। एलएफटी केएफटी जैसी जांच की सलाह दी। इसके साथ गांव के कई लोगोें में आंखों में जलन, पेट दर्द व त्वचा पर छाले जैसे लक्षण सामने आए हैं। गांवों के नलों से निकल रहा हरा और बदबूदार पानी पीना तो दूर, छूना भी मुश्किल है। फिर भी सप्लाई बाधित होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में यही पानी उपयोग कर रहे हैं। एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य सुधीर अग्रवाल व विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने 27 मई को राज्य सरकार पर गंभीर नाराजगी जताते हुए बताया कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। इससे गांव के लोग परेशान हैं। एआईआईएमस दिल्ली को पक्षकार बनाकर विशेषज्ञ भेजने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed