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हजार रुपये तक घर बैठे निकालें रकम
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 04 Jul 2015 12:35 AM IST
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बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक के चेयरमैन के आर कनौजिया ने केयास्क केंद्रों के जरिए गांव-गांव पैठ बनाने का दावा किया। साथ ही जल्द गांव की महिलाओं के हाथ में पॉस मशीनें दिए जाने की बात रखी। कहा कि बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक ने हरेक क्षेत्र में बेहतर रिजल्ट दिया है। उन्होंने बताया केयास्क केंद्रों की मदद से ग्राहकों को घर बैठे हजार रुपये निकासी की व्यवस्था होगी
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बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक के चेयरमैन कनौजिया फतेहपुर शुक्रवार को क्षेत्रीय कार्यालय में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंनें कहा कि अब फतेहपुर में बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय काम करने लगा है। पहले इस जिले का क्षेत्रीय कार्यालय रायबरेली में था। वजूद में आए इस क्षेत्रीय कार्यालय में फतेहपुर के अलावा कौशांबी शामिल किए गए हैं। चेयरमैन ने कहा कि बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक की111 शाखाओं से जुड़े ग्राहकों की संख्या 15 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। चार शाखाएं नईं जल्द वजूद में होंगी। इनमें तीन शाखाएं कौशांबी व एक शाखा का शहर के पक्का तालाब के पास निर्माण होगा। बड़ौदा उ.प्र. ग्र्र्र्र्रामीण बैंक के चेयरमैन ने बताया कि देश भर में जो 156 ग्रामीण बैंक काम कर रहीं हैं। उनमें बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण का प्रदर्शन बेहतर है। मसलन शाखाओं के मामले में दूसरे स्थान पर, लाभ पर तीसरे और व्यवसाय में चौथा नंबर आता है। चालू वित्तीय वर्ष में 75 शाखाएं खोलने के साथ सात सौ बैकेंसी निकालने की बात कही और बैंक की सेवाओं का रखते हुए किसानों को दी जा रही सुविधाओं पर चर्चा की। चेयरमैन ने कहा कि जिले के 32 हजार किसानों के फसल बीमा योजना में अकेले 23 हजार किसान बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक से लाभांवित हुए हैं। लघु बैंकिंग सेवा के क्षेत्र पर बोलते हुए केयास्क केंद्रों की उपयोगिता गिनाईं। बताया कि 1500 केयास्क केंद्र संचालित हैं। साथ ही कहा कि गांवों में रह करके हजार रुपये तक की रकम निकालने के लिए बैंक का रुख नहीं करना पड़ेगा। हरेक गांव से एक-एक महिला पॉस मशीनें को दी जाएंगी। अभी पॉस मशीनों का प्रयोग रायबरेली, सुल्तानपुर व अमेठी मेें हो रहा है। प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक एसके लाल भी मौजूद थे।
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