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फतेहपुरः चार दिन से 35 गांवों की बिजली गुल
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फतेहपुर। थरियांव उपकेंद्र के मंडा सरांय फीडर में चार लाइनमैन होने के बाद भी बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। 22 सितंबर को तेज बारिश व हवा से मंडा सरांय फीडर की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। लाइनमैन अभी तक फाल्ट नहीं ढूंढ सके। ग्रामीणों का आरोप है कि रुपये मिलने पर फाल्ट सही किया जाता है। इस समय धान की सिंचाई बंद है, जिससे ट्यूबवेल संचालक भी फाल्ट सही कराने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।
मंडा सरांय फीडर से करीब 35 गांवों की 65 हजार आबादी को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसमें लक्ष्मणपुर, धर्मदासपुर, सीतापुर, चतुर्गुनपुर, आलमपुर, शिवपुर, मुसईपुर, सेमरइया, मुरांव, मलांव, चकीवा, भैरमपुर, सखियांव, मंडासरांय, नौबस्ता, सुदामापुर, सुकुई, सेमरा, घूरी, उदईसरांय, प्रयागदासपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं। खरसोला के ग्रामीण राजकुमार ने बताया कि ट्यूबवेल से सिंचाई होती थी तो लाइनमैनों को रुपये देकर फाल्ट सही करा लेते थे। अब किसानों को सिंचाई करने की जरूरत नहीं है।
इसलिए अभी तक फाल्ट नहीं सही किया गया। ग्रामीण पप्पू लोधी ने बताया कि फीडर में चार लाइनमैन हैं, लेकिन सक्रिय नहीं है। सुबह से शाम तक उपकेंद्र में बैठे रहते हैं। मंडा सरांय के कल्लू सिंह ने बताया कि उपकेंद्र के लाइनमैन दोपहर तीन बजे के बाद फाल्ट देखने के लिए निकलते हैं और एक घंटे में खानापूरी कर घर चले जाते हैं।
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विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेेघ सिंह ने कहा कि बिजली आपूर्ति और फाल्ट सही कराना उपकेंद्र के अवर अभियंता की जिम्मेदारी है। अगर समय पर जेई फाल्ट सही नहीं करा पा रहे हैं, तो उनसे जानकारी ली जाएगी। अगर कोई लाइनमैन रुपये लेकर फाल्ट सही करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चार दिन से एक फीडर बंद है, तो अवर अभियंता से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
इनकमिंग मशीन खराब, 13 घंटे बंद रही आपूर्ति
असोथर। असोथर उपकेंद्र की इनकमिंग मशीन खराब होने से 250 गांवों की बिजली आपूर्ति 13 घंटे बंद रही। इस बीच में लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ा। शनिवार रात दो बजे इनकमिंग मशीन की सीटी जल गई, जिससे उपकेंद्र के जुड़े सभी छह फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
इससे जरौली, सातो, धरमपुर, सरकंडी, घाटमपुर, कोर्रा, टीकर, सरांय, वन पुरवा, बेरुई, देईमऊ, विधातीपुर, मनावां, कौंडर, बौंडर समेत सभी गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इससे असोथर, बौंडर, टीकर, सातो गांव की पानी टंकी से जलापूर्ति नहीं हो सकी।
रविवार दोपहर तीन बजे इनकमिंग मशीन सही हुई, तब आपूर्ति बहाल हुई। मनोज कुमार सोनी, शानू सिंह, वेद प्रकाश सविता, मेवालाल सोनी, सुशील गुप्ता, बृजेश गुप्ता, छोटू गुप्ता का कहना है कि कभी 33 केवी लाइन तो कभी उपकेंद्र की मशीनें खराब हो रही हैं। जेई राकेश कुमार ने बताया कि उपकेंद्र की इनकमिंग मशीन खराब होने से विद्युत सप्लाई बंद हो गई थी। मशीन की सीटी बदल कर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
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मंडा सरांय फीडर से करीब 35 गांवों की 65 हजार आबादी को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसमें लक्ष्मणपुर, धर्मदासपुर, सीतापुर, चतुर्गुनपुर, आलमपुर, शिवपुर, मुसईपुर, सेमरइया, मुरांव, मलांव, चकीवा, भैरमपुर, सखियांव, मंडासरांय, नौबस्ता, सुदामापुर, सुकुई, सेमरा, घूरी, उदईसरांय, प्रयागदासपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं। खरसोला के ग्रामीण राजकुमार ने बताया कि ट्यूबवेल से सिंचाई होती थी तो लाइनमैनों को रुपये देकर फाल्ट सही करा लेते थे। अब किसानों को सिंचाई करने की जरूरत नहीं है।
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इसलिए अभी तक फाल्ट नहीं सही किया गया। ग्रामीण पप्पू लोधी ने बताया कि फीडर में चार लाइनमैन हैं, लेकिन सक्रिय नहीं है। सुबह से शाम तक उपकेंद्र में बैठे रहते हैं। मंडा सरांय के कल्लू सिंह ने बताया कि उपकेंद्र के लाइनमैन दोपहर तीन बजे के बाद फाल्ट देखने के लिए निकलते हैं और एक घंटे में खानापूरी कर घर चले जाते हैं।
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विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेेघ सिंह ने कहा कि बिजली आपूर्ति और फाल्ट सही कराना उपकेंद्र के अवर अभियंता की जिम्मेदारी है। अगर समय पर जेई फाल्ट सही नहीं करा पा रहे हैं, तो उनसे जानकारी ली जाएगी। अगर कोई लाइनमैन रुपये लेकर फाल्ट सही करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चार दिन से एक फीडर बंद है, तो अवर अभियंता से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
इनकमिंग मशीन खराब, 13 घंटे बंद रही आपूर्ति
असोथर। असोथर उपकेंद्र की इनकमिंग मशीन खराब होने से 250 गांवों की बिजली आपूर्ति 13 घंटे बंद रही। इस बीच में लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ा। शनिवार रात दो बजे इनकमिंग मशीन की सीटी जल गई, जिससे उपकेंद्र के जुड़े सभी छह फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
इससे जरौली, सातो, धरमपुर, सरकंडी, घाटमपुर, कोर्रा, टीकर, सरांय, वन पुरवा, बेरुई, देईमऊ, विधातीपुर, मनावां, कौंडर, बौंडर समेत सभी गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इससे असोथर, बौंडर, टीकर, सातो गांव की पानी टंकी से जलापूर्ति नहीं हो सकी।
रविवार दोपहर तीन बजे इनकमिंग मशीन सही हुई, तब आपूर्ति बहाल हुई। मनोज कुमार सोनी, शानू सिंह, वेद प्रकाश सविता, मेवालाल सोनी, सुशील गुप्ता, बृजेश गुप्ता, छोटू गुप्ता का कहना है कि कभी 33 केवी लाइन तो कभी उपकेंद्र की मशीनें खराब हो रही हैं। जेई राकेश कुमार ने बताया कि उपकेंद्र की इनकमिंग मशीन खराब होने से विद्युत सप्लाई बंद हो गई थी। मशीन की सीटी बदल कर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।