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900 किलोमीटर बाइक चला कर पाई मंजिल
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फतेहपुर। लंबे समय से लॉकडाउन में फंसे लोग जल्द से जल्द हमवतन लौटना चाहते हैं। हालातों से जूझ रहे लोग इससे बेफिक्र हैं कि रास्ते में साधन मिलेंगे या नहीं। घर पहुंचने को वे हर चुनौती को स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे ही दो शख्स लुधियाना से नौ सौ किमी की दूरी बाइक से तय कर गांव आए हैं।
खागा तहसील के त्योजा गांव निवासी अभय कुमार लुधियाना में कई साल से काम करते हैं। गारमेंट का काम करने वाले अभय के साथ ही औरेई गांव के सुनील भी काम करते हैं । थर्मल स्क्रीनिंग के लिए सदर अस्पताल में दोनों आए थे। अभय ने बताया कि वह चार दिन पहले लुधियाना से चले थे । कभी उसने बाइक चलाई तो कभी सुनील ने । रास्ते में अच्छे लोग भी मिले जिनके सहारे है सफर कट गया । सुनील ने बताया कि पास जितने भी पैसे
थे खत्म हो गए थे। फैक्ट्री मालिक ने मेहनताना नहीं दिया, ऐसे में मुंह को बंद कर रास्ते भर चलना पड़ा । सुनील बकौल परिवार की माली हालत अच्छी ना होने की वजह से वह लुधियाना कमाने गया था । देश और विश्व के जो हालात बने हैं उन्हें देखते हुए अब दोबारा लुधियाना जाना संभव नहीं । बाइक चलाते वक्त तो रास्ते में कई बार हौसला टूटा लेकिन अपने गांव पहुंचना है इस लक्ष्य ने धीरे-धीरे सही गांव तक पहुंचा ही दिया।
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खागा तहसील के त्योजा गांव निवासी अभय कुमार लुधियाना में कई साल से काम करते हैं। गारमेंट का काम करने वाले अभय के साथ ही औरेई गांव के सुनील भी काम करते हैं । थर्मल स्क्रीनिंग के लिए सदर अस्पताल में दोनों आए थे। अभय ने बताया कि वह चार दिन पहले लुधियाना से चले थे । कभी उसने बाइक चलाई तो कभी सुनील ने । रास्ते में अच्छे लोग भी मिले जिनके सहारे है सफर कट गया । सुनील ने बताया कि पास जितने भी पैसे
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थे खत्म हो गए थे। फैक्ट्री मालिक ने मेहनताना नहीं दिया, ऐसे में मुंह को बंद कर रास्ते भर चलना पड़ा । सुनील बकौल परिवार की माली हालत अच्छी ना होने की वजह से वह लुधियाना कमाने गया था । देश और विश्व के जो हालात बने हैं उन्हें देखते हुए अब दोबारा लुधियाना जाना संभव नहीं । बाइक चलाते वक्त तो रास्ते में कई बार हौसला टूटा लेकिन अपने गांव पहुंचना है इस लक्ष्य ने धीरे-धीरे सही गांव तक पहुंचा ही दिया।
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