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बहिना मानदेय कैसे मनाएं होली
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फतेहपुर। सरकारी एंबुलेंस की सेवा की रीढ़ बने पायलट और ईएमटी के होली में हाथ खाली रह गए। कंपनी ने होली से पहले मानदेय देने का भरोसा दिया था। एंबुलेंस स्टॉफ की होली फीकी हो गई।
जिले में 43 की तादाद में 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एक कॉल के बाद सेवाएं देने का काम कर रहीं हैं। इसे अंजामम देने को जीवीकेईएमआरआई कंपनी ने 263 पायलट और ईएमटी लगा रखे हैं। पिछले महीने दो महीने का मानदेय समेत अन्य मुद्दों को लेकर कर्मियों ने विरोध जताया था और बात न मानने पर ब ़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिस पर सहायक श्रमायुक्त की मौजूदगी में कंपनी ने 108, 102, एएलएस एंबुलेंस यूनियन को जनवरी महीने का मानदेय तीन दिन बाद पूरा दे दिया था। वहीं फरवरी का मानदेय होली से पहले देने को भरोसा दिया था। चूंकि एक महीने का मानदेय, उधारी में ही चुकता हो गया, लिहाजा होली पर सबकी जेब खाली है। जेब में रकम न होने से एंबुलेंस स्टाफ, अपने परिवार को रंगीन होली का लुत्फ देने में खुद को नाकाम समझ रहा है। जीवनदायिनी 108, 102, एएलएस एंबुलेंस यूनियन के जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय बताते हैं कि स्टॉफ को भरोसा था कि होली अच्छे तरीके से मन जाएगी लेकिन अब यह भ्रम टूट चुका है।
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जिले में 43 की तादाद में 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एक कॉल के बाद सेवाएं देने का काम कर रहीं हैं। इसे अंजामम देने को जीवीकेईएमआरआई कंपनी ने 263 पायलट और ईएमटी लगा रखे हैं। पिछले महीने दो महीने का मानदेय समेत अन्य मुद्दों को लेकर कर्मियों ने विरोध जताया था और बात न मानने पर ब ़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिस पर सहायक श्रमायुक्त की मौजूदगी में कंपनी ने 108, 102, एएलएस एंबुलेंस यूनियन को जनवरी महीने का मानदेय तीन दिन बाद पूरा दे दिया था। वहीं फरवरी का मानदेय होली से पहले देने को भरोसा दिया था। चूंकि एक महीने का मानदेय, उधारी में ही चुकता हो गया, लिहाजा होली पर सबकी जेब खाली है। जेब में रकम न होने से एंबुलेंस स्टाफ, अपने परिवार को रंगीन होली का लुत्फ देने में खुद को नाकाम समझ रहा है। जीवनदायिनी 108, 102, एएलएस एंबुलेंस यूनियन के जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय बताते हैं कि स्टॉफ को भरोसा था कि होली अच्छे तरीके से मन जाएगी लेकिन अब यह भ्रम टूट चुका है।
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