{"_id":"5df684db8ebc3e87b2708ca6","slug":"other-fatehpur-news-knp532443521","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुराइनटोला और शांतीनगर को कब मिलेगा ट्रिपिंग से छुटकारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुराइनटोला और शांतीनगर को कब मिलेगा ट्रिपिंग से छुटकारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पिछले तीन दिन से ध्वस्त है। कुछ इलाकों में आधी रात बिजली गायब रही तो कई में दिनभर बत्ती गुल रही। आपूर्ति दुरुस्त करने के नाम पर विभाग सुविधाओं की कमी बताकर किनारा कर लेता है। जबकि शहर के ही बेरुईहार उपकेंद्र को बनने के बाद भी शुरू नहीं किया जा रहा है। इससे कई मोहल्ले की बिजली आपूर्ति में सुधार हो सकता है।
शहरी उपभोक्ताओं को बिजली सुविधा मुहैया कराने के लिए राधानगर, मुराइनटोला, आबूनगर, शांतीनगर, सथरियांव और हरिहरगंज उपकेंद्र का संचालन हो रहा है। यह केंद्र, शहरी आबादी के लिहाज से कम पड़ रहे हैं। उपकेंद्रों की ओवरलोडिंग दूर करने के लिए ही बेरुईहार उपकेंद्र का निर्माण कार्य कराया गया ताकि मुराइनटोला और शांतीनगर उपकेंद्र की हांफती क्षमता को पुनर्जीवन दिया जा सके। साथ ही नगरीय क्षेत्र से वास्ता रखने वाले गांवों को आच्छादित किया जा सके।
इस उपकेंद्र के चालू होने से न केवल घर बेहतर तरीके से रोशन किए जा सकेंगे, बल्कि कल कारखाना भी स्थापित होंगे। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के रास्ते भी ईजाद होगे। जिन पर चलकर इलाकाई बेरोजगारी से पार पा सकेंगे। अधिशाषी अभियंता प्रभाकर पांडेय का कहना है कि बेरुईहार का उपकेंद्र चालू होने से ओवरलोड कम होगा। बेरुईहार का इलाका रोजगारपरक बन सकेगा।
विज्ञापन
इस उपकेंद्र की क्षमता भी 15 हजार उपभोक्ताओं की होगी। जो रूप रेखा तैयार की गई है। उसमें फिलहाल 12 हजार उपभोक्ताओं का खाका तैयार हुआ है। जिसमें सात हजार की तादाद मुराइनटोला और शांतीनगर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं की है। जिन्हें इस नए उपकेंद्र में समायोजित किया जाना है। इस लिहाज से देखा जाए तो बेरुईहार में समाहित होने वाले उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग की समस्या से सीधे निजात मिलेगी। मौजूदा बात करें तो मुराइनटोला का उपकेंद्र सबसे ज्यादा ओवरलोड है।
कहने को तो कागजों में बेरुईहार के जेई की तैनाती हो चुकी है लेकिन फील्ड पर अभी तक इलाकाई जनता ने अपने अवर अभियंता को नहीं देखा। जेई संतोष श्रीवास्तव कहते हैं कि अभी तक स्टाफ की तैनाती नही हुई है। हालांकि मशीन और लाइन टेस्टिंग का काम जरूर चल रहा है।
क्या कहते हैं जवाबदेह
बेरुईहार उपकेंद्र का संचालन जल्द होने लगेगा। इस पर काम चल रहा है। टेस्टिंग कराई गई थी। बीच में समस्या आने पर काम प्रभावित हुआ। उपकेंद्र के फीडर का भी निर्धारण कर समय रहते कर लिया जाएगा। - आनंद प्रकाश, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
शहरी उपभोक्ताओं को बिजली सुविधा मुहैया कराने के लिए राधानगर, मुराइनटोला, आबूनगर, शांतीनगर, सथरियांव और हरिहरगंज उपकेंद्र का संचालन हो रहा है। यह केंद्र, शहरी आबादी के लिहाज से कम पड़ रहे हैं। उपकेंद्रों की ओवरलोडिंग दूर करने के लिए ही बेरुईहार उपकेंद्र का निर्माण कार्य कराया गया ताकि मुराइनटोला और शांतीनगर उपकेंद्र की हांफती क्षमता को पुनर्जीवन दिया जा सके। साथ ही नगरीय क्षेत्र से वास्ता रखने वाले गांवों को आच्छादित किया जा सके।
विज्ञापन
इस उपकेंद्र के चालू होने से न केवल घर बेहतर तरीके से रोशन किए जा सकेंगे, बल्कि कल कारखाना भी स्थापित होंगे। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के रास्ते भी ईजाद होगे। जिन पर चलकर इलाकाई बेरोजगारी से पार पा सकेंगे। अधिशाषी अभियंता प्रभाकर पांडेय का कहना है कि बेरुईहार का उपकेंद्र चालू होने से ओवरलोड कम होगा। बेरुईहार का इलाका रोजगारपरक बन सकेगा।
विज्ञापन
इस उपकेंद्र की क्षमता भी 15 हजार उपभोक्ताओं की होगी। जो रूप रेखा तैयार की गई है। उसमें फिलहाल 12 हजार उपभोक्ताओं का खाका तैयार हुआ है। जिसमें सात हजार की तादाद मुराइनटोला और शांतीनगर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं की है। जिन्हें इस नए उपकेंद्र में समायोजित किया जाना है। इस लिहाज से देखा जाए तो बेरुईहार में समाहित होने वाले उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग की समस्या से सीधे निजात मिलेगी। मौजूदा बात करें तो मुराइनटोला का उपकेंद्र सबसे ज्यादा ओवरलोड है।
कहने को तो कागजों में बेरुईहार के जेई की तैनाती हो चुकी है लेकिन फील्ड पर अभी तक इलाकाई जनता ने अपने अवर अभियंता को नहीं देखा। जेई संतोष श्रीवास्तव कहते हैं कि अभी तक स्टाफ की तैनाती नही हुई है। हालांकि मशीन और लाइन टेस्टिंग का काम जरूर चल रहा है।
क्या कहते हैं जवाबदेह
बेरुईहार उपकेंद्र का संचालन जल्द होने लगेगा। इस पर काम चल रहा है। टेस्टिंग कराई गई थी। बीच में समस्या आने पर काम प्रभावित हुआ। उपकेंद्र के फीडर का भी निर्धारण कर समय रहते कर लिया जाएगा। - आनंद प्रकाश, अधीक्षण अभियंता