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किसानों को फसल बीमा कराने के लिए किया प्रेरित
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प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसानों को जोड़ने के लिए कृषि विभाग ने जागरूकता रैली निकाली। फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए किसानों को फसल बीमा से जुड़ने की अपील की। उप कृषि निदेशक बृजेश सिंह ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया।
केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री आफ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय से संचालित कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों ने किसानों को जागरूक करने के लिए बाइक रैली निकाली। किसानों को कॉमन सर्विस सेंटरों से फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया।
कृषि भवन से निकाली गई बाइक रैली तेलियानी ग्राम पंचायत में समाप्त हुई। उप कृषि निदेशक बृजेश सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी से कोई भी अधिसूचित फसल बर्बाद हो जाती है तो किसानों को बीमा का लाभ के माध्यम से नुकसान की भरपाई की जाती है। फसलों के नुकसान के सात दिन के अंदर किसानों को सूचना देनी होती है। 15 दिन में बीमित कंपनी फसल के बीमित क्षेत्रफल का सर्वे करेगी।
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फिर नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएचसी में बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता की जानकारी, खसरा, खतौनी, फसल बोने का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर देना होगा। फसल बीमा कराने के बाद किसान को प्रिंट दिया जाएगा। उसमें कितनी राशि जमा करनी है, वह लिखा होगा। सीएचसी में अलग से कोई चार्ज नहीं देना होता है। जिला प्रबंधक शरद श्रीवास्तव, रविकेशव प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उनको 31 दिसंबर तक लाभांवित किया जाएगा। इस मौके पर चंद्रशेखर, विमल, प्रतीक, हिमांशु, संदीप मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री आफ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय से संचालित कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों ने किसानों को जागरूक करने के लिए बाइक रैली निकाली। किसानों को कॉमन सर्विस सेंटरों से फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित किया।
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कृषि भवन से निकाली गई बाइक रैली तेलियानी ग्राम पंचायत में समाप्त हुई। उप कृषि निदेशक बृजेश सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी से कोई भी अधिसूचित फसल बर्बाद हो जाती है तो किसानों को बीमा का लाभ के माध्यम से नुकसान की भरपाई की जाती है। फसलों के नुकसान के सात दिन के अंदर किसानों को सूचना देनी होती है। 15 दिन में बीमित कंपनी फसल के बीमित क्षेत्रफल का सर्वे करेगी।
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फिर नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएचसी में बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता की जानकारी, खसरा, खतौनी, फसल बोने का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर देना होगा। फसल बीमा कराने के बाद किसान को प्रिंट दिया जाएगा। उसमें कितनी राशि जमा करनी है, वह लिखा होगा। सीएचसी में अलग से कोई चार्ज नहीं देना होता है। जिला प्रबंधक शरद श्रीवास्तव, रविकेशव प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उनको 31 दिसंबर तक लाभांवित किया जाएगा। इस मौके पर चंद्रशेखर, विमल, प्रतीक, हिमांशु, संदीप मौजूद रहे।